बीकानेर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष को दबोचा, सार्वजनिक दान का दुरुपयोग और कैश का खेल, 6 दिसंबर तक ED कस्टडी

बीकानेर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष को दबोचा, सार्वजनिक दान का दुरुपयोग और कैश का खेल, 6 दिसंबर तक ED कस्टडी

राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई के तहत, बीकानेर स्थित अलफुर्कान एजुकेशनल ट्रस्ट (AET) के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद सदीक उर्फ़ सादिक़ खान को गिरफ्तार किया गया है. ED का मानना है कि यह गिरफ्तारी केवल एक ट्रस्ट या व्यक्ति पर नहीं, बल्कि एक ऐसे पूरे तंत्र पर चोट है, जिसके जरिए धार्मिक दान और कैश नेटवर्क का इस्तेमाल संदिग्ध और कट्टरपंथी गतिविधियों को वित्त पोषित करने में किया जा रहा था

जयपुर ज़ोनल ऑफिस की टीम ने सादीक खान को PMLA, 2002 (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत गिरफ्तार किया गया. जिसके चलते उन्हें स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने सादीक खान को 6 दिसंबर तक  के लिए ED कस्टडी में भेज दिया है

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ED की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि सादीक़ ने AET ट्रस्ट और मस्जिद-ए-आयशा के संचालन के नाम पर सार्वजनिक दान का भारी दुरुपयोग किया. ट्रस्ट के नाम पर बड़े पैमाने पर कैश में चंदा लिया जाता था, लेकिन उसका कोई रिकॉर्ड तैयार नहीं किया जाता था. सारी नकद राशि उनके व्यक्तिगत कब्जे में रहती थी और उसे निजी, संदिग्ध और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था. यही पैसा उनकी लगातार विदेशी यात्राओं की जिसमें बांग्लादेश, नेपाल, क़तर और ओमान जैसे देश शामिल है. इन यात्राओं का जांच में कोई वैध वित्तीय आधार नहीं मिला. ED के अनुसार, पूरा सिस्टम सादीक खान के नियंत्रण में चलता था, जहां न रसीद बनती थी, न बहीखाता था और न ही कोई ऑडिट होता था

ED को शक है कि इन यात्राओं का मकसद धार्मिक-सामाजिक रिश्ते बनाना नहीं था, बल्कि कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क से संपर्क बनाना था. बांग्लादेश की अपनी यात्रा के दौरान सादिक की मुलाकात मोहम्मद सलीम उर्फ ​​सौरभ वैद्य से हुई, जिसे बाद में MP ATS ने हिज्ब-उत-तहरीर की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार कर लिया है

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