नीट परीक्षा रद्द होने के बाद राजस्थान में तैयारी कर रहे छात्रों ने अपनी नाराजगी और निराशा जाहिर की। छात्रों का कहना है कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने उनकी मेहनत, समय और परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर डाला है। कई छात्रों ने एनटीए और सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने की मांग की है।

नीट यूजी परीक्षा 2026 रद्द होने के बाद राजस्थान में रहकर नीट की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य अन्धकार में हें। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में निराशा, गुस्सा और भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दी। कई छात्रों ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने उनकी मेहनत और भरोसे को तोड़ दिया है।
जयपुर में रहने वाली एक छात्रा ने कहा कि पेपर लीक होने की वजह से मेहनती छात्रों का चयन प्रभावित हो रहा है। उसने बताया कि 2024 में पेपर लीक हुआ, 2025 में पेपर बहुत कठिन था और इस बार फिर से पेपर लीक का मामला सामने आ गया। छात्रा ने कहा कि उसके माता-पिता बहुत मेहनत करके पैसे जुटाते हैं और एक फैसले से पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाले एक छात्र ने कहा कि दो महीने के भीतर फिर से परीक्षा की तैयारी करना बेहद मुश्किल है। छात्र ने बताया कि वे परीक्षा देकर रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब दोबारा परीक्षा देने का दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।








