सुमेरपुर (पाली)। पाली जिले के सुमेरपुर स्थित जाखामाता रीको क्षेत्र की विनायक कॉरपोरेशन सरसों तेल निर्माण इकाई पर करीब 25 दिन पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई बड़ी कार्रवाई के बाद अब इस पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। फैक्ट्री संचालक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। वीडियो में उन्होंने एक निजी लैब की जांच रिपोर्ट भी दिखाई और दावा किया कि उनके द्वारा जांच के लिए भेजे गए सरसों तेल का नमूना गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया है।
वीडियो में संचालक ने कहा कि उनकी फैक्ट्री कई वर्षों से गुणवत्ता के साथ सरसों तेल का उत्पादन कर रही है और उपभोक्ताओं के भरोसे के दम पर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में तैयार होने वाले तेल की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की शंका नहीं होनी चाहिए।

‘वायरल तस्वीरों को गलत तरीके से पेश किया गया’
फैक्ट्री संचालक ने वीडियो में सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान जिन तस्वीरों को मिलावटी तेल बताकर प्रसारित किया गया, वे वास्तव में ऑयल फिल्टरिंग प्रक्रिया के दौरान निकलने वाली गाद (Oil Filter Sludge) की थीं। उन्होंने दावा किया कि यह उत्पादन प्रक्रिया का सामान्य अपशिष्ट (वेस्ट मटेरियल) होता है और इसका तैयार सरसों तेल से कोई संबंध नहीं होता।
जांच रिपोर्ट का दिया हवाला
वीडियो में संचालक ने जयपुर स्थित एक निजी प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षण में उनके द्वारा भेजा गया तेल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया। उनका कहना है कि इससे उनके उत्पाद की गुणवत्ता पर विश्वास और मजबूत होता है।
25 दिन पहले हुई थी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने सुमेरपुर स्थित विनायक कॉरपोरेशन पर औचक निरीक्षण किया था। कार्रवाई के दौरान नौ दुर्गा और ज्योति ब्रांड के कुल 833 टीन (12,495 लीटर) सरसों तेल को सीज कर नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए थे।
अब विभाग के आधिकारिक पक्ष और सरकारी जांच रिपोर्ट का इंतजार
फैक्ट्री संचालक द्वारा जारी वीडियो और निजी लैब की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब खाद्य सुरक्षा विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए सरकारी नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है। विभाग की ओर से फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
नोट: इस खबर में फैक्ट्री संचालक द्वारा वीडियो में किए गए दावों और उनके द्वारा साझा की गई निजी लैब रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। सरकारी जांच और विभागीय कार्रवाई का अंतिम निष्कर्ष संबंधित सक्षम प्राधिकारी की आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा।








