अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सांसद लिंडसे ग्राहम का शनिवार (11 जुलाई) को निधन हो गया। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि लंबी बीमारी के कारण उनका देहांत हुआ। हालांकि, उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर ईरान द्वारा जारी कथित ‘हिट लिस्ट’ और पोस्टरों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
बताया जा रहा है कि ईरान समर्थक प्रदर्शनों में पहले भी लिंडसे ग्राहम की तस्वीरों को निशाने के प्रतीक (टारगेट) के साथ दिखाया गया था। हाल ही में वायरल हुई एक अन्य तस्वीर में भी उनका चेहरा कथित ‘हिट लिस्ट’ में क्रॉस के साथ दिखाई दे रहा है, जिससे कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, ईरान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान या जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की गई है, इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
निधन से एक दिन पहले लिंडसे ग्राहम यूक्रेन के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने ड्रोन निर्माण और रक्षा सुविधाओं का निरीक्षण किया था। इसके अगले ही दिन उनके निधन की खबर सामने आई।
ग्राहम अमेरिका की विदेश नीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। वे रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों के समर्थक रहे और यूक्रेन को खुलकर समर्थन देते थे। उन्होंने ईरान के शीर्ष नेतृत्व की भी कई बार तीखी आलोचना की थी, जिसके बाद वे लंबे समय से ईरान समर्थक संगठनों के निशाने पर बताए जाते रहे।
परिवार ने बयान जारी कर लोगों से प्रार्थना करने और इस कठिन समय में उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है। फिलहाल अमेरिकी एजेंसियों की ओर से किसी भी संदिग्ध साजिश की पुष्टि नहीं की गई है।




