पुष्कर मेले में दिखा ‘राजस्थानी रंग’,101 नगाड़ों की गूंज से बना विश्व रिकॉर्ड, डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने विदेशी सैलानियों के साथ किया पारंपरिक डांस

पुष्कर मेले में दिखा ‘राजस्थानी रंग’,101 नगाड़ों की गूंज से बना विश्व रिकॉर्ड, डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने विदेशी सैलानियों के साथ किया पारंपरिक डांस

विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला 2025 का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पुष्कर के मेला मैदान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, अजमेर जिला कलेक्टर लोकबंधु, एसपी वंदिता राणा, एडिशनल एसपी दीपक कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

Pushkar Mela 2025: पुष्कर मेले में दिखा 'राजस्थानी रंग', डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने विदेशी सैलानियों के साथ किया पारंपरिक डांस

Image

पुष्कर में राजस्थान की लोक संस्कृति का प्रदर्शन और उसमें डिप्टी सीएम की सहज भागीदारी ने सभी के दिलों को छू लिया. यह दृश्य को देख लोग न केवल राजस्थान की रंगीली परंपरा से रूबरू हुए, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय मैत्री और अतिथि देवो भव: की भावना को भी जीवंत कर दिया. इस कुछ देर पहले हल्की बूंदाबांदी के बीच डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने विधिवत झंडारोहण कर मेले का शुभारंभ किया था. इस दौरान उनके साथ जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, अजमेर कलेक्टर, एसपी और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. झंडारोहण के बाद राष्ट्रीय गान के साथ मेला मैदान में देशभक्ति और उत्सव का माहौल बन गया

Image

101 नगाड़े बजे एक साथ
मेले के शुभारंभ समारोह में स्कूली छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मंच पर रंग-बिरंगी झांकियों और लोक नृत्यों से पुष्कर की संस्कृति जीवंत हो उठी। इसी दौरान विश्व प्रसिद्ध नगाड़ा वादक नाथूलाल सोलंकी और उनकी टीम ने 101 नगाड़े एक साथ बजाकर अद्भुत प्रस्तुति दी और विश्व रिकॉर्ड बनाया। उनकी प्रस्तुति ने पूरे मैदान में उत्सव का माहौल बना दिया। 

Image

लोक कला और पशुधन का संगम

शुभारंभ समारोह में राजस्थान के लोक कलाकारों के साथ-साथ देशभर से आए कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. ढोल, नगाड़ों और मुरली की थाप पर घूमर, कालबेलिया, चकरी और मटकी नृत्य की अद्भुत झलक देखने को मिली, जिसने विदेशी सैलानियों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया. वहीं, मेला मैदान में ऊंटों और घोड़ों की सजीव परेड ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा. पशुपालकों द्वारा सजाए-संवारे गए ऊंट और घोड़े आकर्षण का केंद्र बने. पर्यटक और श्रद्धालु इन सजे-धजे पशुओं के साथ फोटो खिंचवाकर इस यादगार उत्सव के लम्हों को संजो रहे हैं. आगामी दिनों में पुष्कर की पावन धरती पर यह उत्सव व्यापारिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ कई प्रतियोगिताओं का केंद्र बना रहेगा

Image

दीया कुमारी ने बच्चों के साथ किया नृत्य 
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने बच्चों के साथ नृत्य भी किया और स्वयं नगाड़ा बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि पुष्कर मेला राजस्थान की पहचान है और यह न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है।

Image

मेले में 5 नवंबर तक धार्मिक अनुष्ठान, पशु प्रदर्शन, लोकनृत्य, हाट बाजार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला जारी रहेगी। देश-विदेश से आए पर्यटक और श्रद्धालु इन दिनों पुष्कर की पवित्र भूमि पर राजस्थान की परंपरा, संस्कृति और रंगों का आनंद लेंगे। दीया कुमारी ने सभी को मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “पुष्कर का यह उत्सव राजस्थान की आत्मा का प्रतीक है।”

Image

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *