जयपुर में बुधवार को नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। NSUI ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए बड़ा मार्च निकाला। यह विरोध मार्च गुर्जर की थड़ी से त्रिवेणी नगर चौराहे तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में नारेबाजी और हंगामे का माहौल बना रहा।
“छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो”
प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे। इस दौरान “पेपर लीक बंद करो”, “NTA जवाब दो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। मार्च के कारण कुछ समय के लिए गोपालपुरा बाईपास और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक भी प्रभावित रहा।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता विनोद जाखड़ ने केंद्र सरकार और NTA पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों के सपनों को तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता खत्म होती जा रही है और पेपर माफिया के कारण मेहनती छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
“पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले”
जाखड़ ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में आई हो। इससे पहले भी कई बार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोप सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रों का भरोसा पूरी परीक्षा व्यवस्था से उठ जाएगा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई गई। NSUI नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी उठाई। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
युवाओं में बढ़ता गुस्सा
प्रदर्शन के दौरान छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कई छात्रों का कहना था कि वे वर्षों मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।








