मदन राठौड़ ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। जयपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में केवल 90 पैसे की बढ़ोतरी की है, लेकिन विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय वैट में भारी बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन उस समय विपक्ष चुप था। उन्होंने सवाल उठाया कि अब मामूली बढ़ोतरी पर इतना हंगामा क्यों किया जा रहा है।
“दुनिया संकट में है, धैर्य रखें”
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक संकटों के बावजूद केंद्र सरकार हालात को नियंत्रित तरीके से संभाल रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पेट्रोल-डीजल को लेकर किसी तरह की अफवाहों में न आएं और संयमित तरीके से उपयोग करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
“फिजूलखर्ची से बचें”
राठौड़ ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जनता को जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक कार्यों के लिए ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन अनावश्यक उपयोग और घबराहट से बचना जरूरी है।
मेलोनी-मेलोडी विवाद पर भी दिया जवाब
इटली की प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेलोडी टॉफी देने के मामले पर राहुल गांधी के तंज का जवाब देते हुए राठौड़ ने कहा कि जिस टॉफी का मजाक उड़ाया जा रहा था, उसी कंपनी के शेयर बढ़ गए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छोटी चीजें भी भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत करती हैं।
राहुल गांधी पर तीखा हमला
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर भी मदन राठौड़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जनस्वीकृति लगातार कम होती जा रही है और इसी हताशा में कांग्रेस नेता अब अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध होना अलग बात है, लेकिन प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना उचित नहीं माना जा सकता।
राजस्थान में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और राजनीतिक बयानों को लेकर राजस्थान की राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है। एक तरफ विपक्ष महंगाई को मुद्दा बना रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा सरकार वैश्विक हालात और पिछली सरकारों की नीतियों का हवाला देकर अपने फैसलों का बचाव कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और ज्यादा गर्मा सकता है।




