राज्य बजट 2026-27 गरीब, युवा, किसान और महिला सम्मान को समर्पित, आय-व्ययक अनुमान 2026-27 पर सदन में सामान्य चर्चा

राज्य बजट 2026-27 गरीब, युवा, किसान और महिला सम्मान को समर्पित, आय-व्ययक अनुमान 2026-27 पर सदन में सामान्य चर्चा

उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री आय-व्ययक अनुमान 2026-27 पर सदन में सामान्य चर्चा के बाद जवाब दे रहीं थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास’ ध्येय से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘विकसित राजस्थान@2047′ विजन डॉक्यूमेंट के रखे दीर्घकालीन लक्ष्यों के साथ विकास यात्रा को तीव्र गति से बढ़ाया जा रहा है।

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने चर्चा के बाद प्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि 1 लाख बालिकाओं एवं महिलाओं को विशेषज्ञों द्वारा आत्मरक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सड़कों के निर्माण, मरम्मत व उन्नयन सम्बन्धी कार्य 690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से करवाये जाने के लिए घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य से निकलने वाले दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र में जल एवं पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के लिए 1 हजार 12 करोड़ रुपये की लागत से कृत्रिम जलाशय एवं फीडर निर्माण का कार्य करवाया जाएगा। इसके लिए आगामी वर्ष 200 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जानी प्रस्तावित है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पुरानी जीर्ण-शीर्ण पाइप लाइन को बदलने के लिए 150 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 210 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य करवाए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री ने सोनलपुरा-फलौदी व सांगानेर-जयपुर में 132 केवी जीएसएस और मुंडनवाड़ा कलां (मुण्डावर)-खैरथल तिजारा, रावलगढ़ (शेरगढ़), महादेव नगर (बन्नों का बास) (चामू), सोरली नाड़ी (बालेसर)-जोधपुर, नारायणखेड़ा (किशनगंज)-बारां, बिजेरी (बज्जू)-बीकानेर, लालसोट-दौसा, ऊण (आहोर), अजार नाड़ी (खेतलावास), शिवानंद मठ दादाल (सायला)-जालोर, देवली हुल्ला (सोजत)-पाली व बाजवा (उदयपुरवाटी)-झुंझुन में 33/11 केवी जीएसएस निर्माण के लिए घोषणा की।

वित्त मंत्री ने कहा कि कोटा-बूंदी में निर्माणाधीन ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के नजदीक रीको द्वारा वृहत औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इससे लॉजिस्टिक और टैक्सटाइल से सम्बंधित उद्योगों की स्थापना हो सकेंगी। साथ ही ट्रिपल आईटी, कोटा में एआई, डेटा एनालिसिस और अन्य उभरते हुए क्षेत्रों में नए कोर्स प्रारम्भ किये जाएंगे एवं इसे आईटी हब के रूप में विकसित करने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से डीपीआर बनाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज-कोटा में रोबोटिक हैंड ऑफ प्रोसटेटिक सर्जरी फॉर यूरोलॉजी की सुविधा प्रारम्भ की जाएगी। साथ ही इस मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध चिकित्सालयों में 25 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। दौसा में यूआईटी कार्यालय भवन निर्माण हेतु कंसलटेंसी एवं डीपीआर का कार्य जल्द शुरू होगा। साथ ही नवलगढ़-झुंझुनूं में घूमचक्कर से लेकर डेढाणा जोहड़ तक ड्रेनेज सम्बन्धी कार्य करवाया जायेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए दिया कुमारी ने अरनोदा (निम्बाहेड़ा)-चित्तौड़गढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत करने, खारा राठौड़ान (रामसर)-बाड़मेर, मदरामपुरा और (सांगानेर)-जयपुर में नवीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने, शेरड़ा (भादरा)-हनुमानगढ़, साण्डिया (सोजत)-पाली, सावंराद (लाडनूं)-डीडवाना कुचामन व मोटाई (बाप)-फलौदी में स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्रों को  आयुष्मान आरोग्य मंदिर में क्रमोन्नत करने, रानीपुरा (मनोहरथाना)-झालावाड़ व डूंगर बालाजी (सुजानगढ़)-चूरू में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा की। साथ ही जिला अस्पताल पावटा (सरदारपुरा)-जोधपुर में सीटी-स्कैन सुविधा उपलब्ध करवाने की भी घोषणा की।

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने उम्मेद अस्पताल-जोधपुर में शिशु इमरजेंसी वार्ड में द्वितीय तल का विस्तार करने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पीसांगन-अजमेर में नवीन मोर्चरी के निर्माण व जिला चिकित्सालय-अलवर में बेड क्षमता बढ़ाकर 750 करने की भी घोषणा की। पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी पहल करते हुए जोजरी व बांडी नदी में गिरने वाले ट्रीटेड वाटर को पाइपलाइन द्वारा पचपदरा रिफाइनरी-बालोतरा तक पहुंचाने के लिए डीपीआर बनाने की घोषणा की।

कार्मिक कल्याण को प्राथमिकता
वर्तमान में राज्य कर्मचारी जिस वित्तीय वर्ष में रिटायर होता है, उस वर्ष एक अप्रेल को ही उनकी स्टेट इंश्योरेंस पॉलिसी भुगतान हेतु परिपक्व हो जाती है, जिससे कार्मिक अधिवार्षिकी रिटायरमेंट तिथि तक इंश्योरेंस कवर से वंचित रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए अब सभी राज्य कर्मचारियों को एक्सटेंडेड इंश्योरेंस मैच्योरिटी के साथ अधिवार्षिकी रिटायरमेंट तिथि तक इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास का रास्ता अब और आसान
अब तक राजस्व रेकार्ड में दर्ज सड़क व रास्तों और खातेदारी भूमि के बीच में सरकारी भूमि की पट्टी होने से खातेदारी भूमि तक पहुंच मार्ग की उपलब्धता नहीं हो पाती थी। इससे ऐसी खातेदारी का गैर-कृषि कन्वर्जन नहीं हो पाता। अब, ऐसे प्रकरणों में 20 फीट तक की चौड़ाई की राजकीय भू-पट्टी का कृषि भूमि की प्रचलित डीएलसी की दोगुनी दर से भुगतान करने पर सम्बन्धित खातेदार को पहुंच मार्ग हेतु आवंटन किया जा सकेगा।

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