बाली, 6 जून। बाली क्षेत्र में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अवकाश के दिनों में लगातार सरकारी कार्य लिए जाने के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। कृषि पर्यवेक्षक संघ, पटवार संघ और ग्राम विकास अधिकारी संघ ने संयुक्त समन्वय समिति के नेतृत्व में छुट्टियों में सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि सामान्य परिस्थितियों में अवकाश वाले दिनों में कर्मचारियों को बैठकों, ग्राम सभाओं, चौपालों, शिविरों और निरीक्षण कार्यों के लिए बाध्य नहीं किया जाए।
“पांच दिवसीय व्यवस्था का उद्देश्य हो रहा प्रभावित”
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और पर्याप्त विश्राम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2008 में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न अभियानों और सरकारी आयोजनों के नाम पर छुट्टियों में भी लगातार ड्यूटी लगाई जा रही है, जिससे कर्मचारियों के निजी जीवन और स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।
छुट्टी के आदेशों को नहीं मानने का फैसला
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर अवकाश के दिनों में जारी किए जाने वाले कार्य संबंधी आदेशों को कर्मचारी मान्य नहीं मानेंगे। संगठनों ने कहा कि नियमित छुट्टियों में सरकारी कार्य करवाने की परंपरा अब असहनीय हो चुकी है और इसका विरोध जारी रहेगा।
कर्मचारियों ने जताई नाराजगी
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार छुट्टियों में काम लेने से मानसिक तनाव बढ़ रहा है और पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अवकाश व्यवस्था का सम्मान करने की मांग की।
कई कर्मचारी नेता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और निर्धारित कार्य व्यवस्था की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।








