सम्पादक\ पाली जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। साइबर थाना के आंकड़ों के अनुसार जिले में हर साल करीब 1500 साइबर फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। बढ़ती घटनाओं ने पुलिस और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, साल 2023 में पाली में साइबर थाने की शुरुआत हुई थी। साइबर थाना के डिप्टी किशोर सिंह ने बताया कि अब तक यहां कुल 7 हजार 115 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।

चार साल में 25 करोड़ से ज्यादा की ठगी
अधिकारियों के अनुसार पिछले चार वर्षों में साइबर ठग जिले के लोगों से करीब 25 करोड़ 73 लाख 6 हजार 307 रुपए की ठगी कर चुके हैं। हालांकि पुलिस की कार्रवाई के चलते 11 करोड़ 57 लाख 9 हजार 496 रुपए होल्ड करवाए गए हैं। इसके अलावा पुलिस करीब 2 करोड़ 85 हजार रुपए पीड़ितों को वापस दिलाने में भी सफल रही है।
साइबर थाना के डिप्टी किशोर सिंह ने बताया कि ठग लोगों को लोन, गिफ्ट और इनाम का लालच देकर फंसाते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है, उसके साथ ठगी हो जाती है। इसके अलावा साइबर अपराधी खुद को ईडी अधिकारी, पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” जैसी धमकियां देकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं।
ठग क्रेडिट कार्ड बिल बकाया होने, केवाईसी अपडेट कराने और बैंक अकाउंट बंद होने जैसे बहाने बनाकर भी लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कई मामलों में वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग तक की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
साइबर थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के लालच में न आएं और न ही अपने बैंक खाते, ओटीपी या निजी जानकारी किसी के साथ साझा करें। पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।





