सम्पादक/ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में आम जनता, पेंशनर्स, उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने डिजिटल पेंशन व्यवस्था, दिव्यांगों को राहत, नई औद्योगिक नीति, रिन्यूएबल एनर्जी और ईवी चार्जिंग नेटवर्क को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय किए।
पेंशनर्स को बड़ी राहत
अब पेंशनर्स मोबाइल एप पर फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक के जरिए घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए बैंक या ई-मित्र केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही अब नॉन गजटेड अधिकारी भी एसएसओ आईडी के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। पेंशन सत्यापन के लिए केवल एक गजटेड अधिकारी के हस्ताक्षर ही पर्याप्त होंगे। सरकार ने दिव्यांग पेंशन प्रक्रिया भी आसान कर दी है। अब दिव्यांगों को हर तीन साल में नया प्रमाण पत्र जमा नहीं करना होगा। केवल एक बार प्रमाण पत्र देने पर प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी को मंजूरी
उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि नई औद्योगिक नीति में डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक सेंटर, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को विशेष फोकस दिया गया है। सरकार का दावा है कि हर जिले की अलग आर्थिक पहचान विकसित की जाएगी।
कैबिनेट ने जैसलमेर के घोटारू क्षेत्र में सोलर कंपनी को 1198 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने की मंजूरी दी। इसके अलावा जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में भी रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स लगाए जाएंगे। जेके सीमेंट और डालमिया सीमेंट को भी उद्योग विस्तार के लिए जमीन देने का फैसला किया गया।
भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने क्षेत्रों में बिजली और पानी की सप्लाई की निगरानी करने के निर्देश दिए। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि प्रदेश में 262 स्थानों पर 500 से ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इसके लिए जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे।




