नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर कार्रवाई करने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों को निशाना बना रही है।
हजारों छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए दिपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ अभियान अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
दिपके ने कहा, “मेरे दोस्तों, यह एक लंबा संघर्ष है। सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू किए हुए एक महीना हो गया है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय अन्य कामों में लगे हुए हैं। हमारे अकाउंट हैक किए जा रहे हैं, हमारी पोस्ट डिलीट करवाई जा रही हैं। आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन आप हमें इस मंच से मिटा नहीं सकते।”
उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन इससे छात्रों और युवाओं की आवाज कमजोर नहीं होगी। उनके संबोधन के दौरान मौजूद भीड़ ने जोरदार नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग दोहराई।
सोनम वांगचुक के समर्थन पर जताया आभार
अभिजीत दिपके ने अपने संबोधन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का विशेष रूप से उल्लेख किया और उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वांगचुक जल्द ही प्रदर्शन में शामिल होंगे, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिलेगी।
दिपके ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया की नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
परीक्षा अनियमितताओं को लेकर उठ रही मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन NEET, CUET, CBSE और SSC जैसी प्रमुख परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग कर रहे हैं।
जंतर-मंतर पर जारी इस प्रदर्शन ने एक बार फिर परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।






