मंगला पशु बीमा योजना केवल कागजों तक सीमित क्यों? टीकाराम जूली ने मांगा भाजपा सरकार से जवाब

मंगला पशु बीमा योजना केवल कागजों तक सीमित क्यों? टीकाराम जूली ने मांगा भाजपा सरकार से जवाब

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में पशुपालकों को मुफ्त पशुधन बीमा का वादा तो किया था, लेकिन दो वर्षों में उस पर कोई ठोस कार्य नहीं किया है. यह वादा अब केवल घोषणाओं तक सीमित रह गया है

जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय कामधेनु पशु बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, केवल सर्वे का कार्य शेष था लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा ने उस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया. लगभग एक वर्ष तक कोई नई पशु बीमा योजना शुरू नहीं की गई, जिससे लाखों पशुपालकों को नुकसान झेलना पड़ा

उन्होंने कहा कि 2024-25 की बजट घोषणा को अत्यंत धीमी गति से लागू किया गया और अब 2025-26 में केवल सीमा बढ़ाने की घोषणा करके जनता को भ्रमित किया जा रहा है. हमारी सरकार के समय लगभग 80 लाख पशुओं का बीमा पंजीकरण किया गया था जबकि भाजपा शासन में यह संख्या घटकर मात्र 20 लाख रह गई है

उन्होंने कहा कि यह सब भाजपा सरकार की किसानों और पशुपालकों के प्रति असंवेदनशील मानसिकता को उजागर करता है. राजस्थान देश का दूसरा सबसे अधिक पशुधन वाला राज्य है, परंतु भाजपा ने इस वर्ग को केवल वोट बैंक के रूप में देखा. वादे तो कर दिए, लेकिन उन वादों में अब जान नहीं बची है. टीकाराम जूली ने मांग की कि राज्य सरकार शीघ्र प्रभाव से व्यापक पशुधन बीमा योजना लागू करे और प्रदेश के पशुपालकों के नुकसान की भरपाई करे

नेता प्रतिपक्ष ने अखबारों में इस विषय पर छापे गए आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि अब तक लगभग 9000 पशु बीमा दावे पेश हुए हैं, जिनमें से केवल 700 दावे ही स्वीकृत किए गए हैं यानी 10% से भी कम. यह भाजपा के वादों और उनके अमल के बीच की दूरी को स्पष्ट दिखाता है

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