Anti Corruption Bureau; ड्यूटी लगाने के लिए हर महीने मांगता था 5000 की घूस; होमगार्ड कमांडर को एसीबी ने किया ट्रैप

Anti Corruption Bureau; ड्यूटी लगाने के लिए हर महीने मांगता था 5000 की घूस; होमगार्ड कमांडर को एसीबी ने किया ट्रैप

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो लगातार भ्रष्टाचार के मामलों पर लगाम लगाने के लिए छापे मार रही है आज एक और कार्यवाही करते हुए होमगार्ड में काम करनेवाले एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. एसीबी की टीम ने होमगार्ड के कंपनी कमांडर चंद्रशेखर शर्मा को को जाल बिछाकर ट्रैप किया गया जिसके बारे में एसीबी के पास भ्रष्टाचार करने की शिकायत आई थी

Home Guard company commander caught taking bribe of Rs 4,000 | होमगार्ड का  कंपनी कमांडर 4 हजार की रिश्वत लेते ट्रेप: होमगार्ड पुलिस लाइन में तैनात है  कंपनी कमांडर ...

यह कार्रवाई होमगार्ड लाइन में हुई. आरोपी कंपनी कमांडर चंद्रशेखर पर रिश्वत लेकर होमगार्ड कर्मियों की ड्यूटी लगाने की शिकायत मिली थी जिसके बाद उसे ट्रैप किया गया. कार्रवाई के दौरान उसे ड्यूटी लगाने की एवज में 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप किया गया

एसीबी की यह कार्रवाई होम गार्ड के डीजी गोविंद गुप्ता के निर्देश में हुई. एडिशनल SP संदीप सारस्वत ने बताया कि एक होमगार्ड ने ही एसीबी के पास शिकायत भेजी थी कि आरोपी कंपनी कमांडर चंद्रशेखर शर्मा उसकी ड्यूटी लगाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा है. उसने बताया कि ड्यूटी लगाने के एवज में शर्मा ने उससे 5000 रुपये की रिश्वत की मांग की है और उसे परेशान कर रहा है.

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और इसके बाद ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और इस दौरान आरोपी होमगार्ड अधिकारी को 4,000 रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया एसीबी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी होमगार्ड को ड्यूटी लगाने की एवज़ में रिश्वत मांगा करता था. इसके लिए पहले वह हर महीने 3000 रुपया की राशि लेता था. लेकिन आरोपी ने महीने की राशि बढ़ाकर 5000 रुपया कर दी थी.

उल्लेखनीय है कि होम गार्ड कर्मियों को प्रतिमाह 31000 रुपये का मानदेय मिलता है. उनकी ड्यूटी नियमित या निर्धारित नहीं होती. आरोपी  इसी अनिश्चितता का फ़ायदा उठा रहा था. वह होम गार्ड पर लगातार दबाव बना रहा था कि वह उसकी परमानेंट ड्यूटी लगा देगा, लेकिन इसके बदले में उसको महीने के 5 हज़ार रूपए देने पड़ेंगे. फ़िलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है

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