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हल्द्वानी घटना पर राहुल गांधी ने साधा निशाना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे के बाद ‘शुद्धिकरण’ को बताया गंभीर अपराध।
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SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग: प्रधानमंत्री और उत्तराखंड सरकार से आरोपियों के खिलाफ तत्काल FIR करने की अपील।
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विचारधारा की लड़ाई: कहा— यह लड़ाई आंबेडकर-गांधी की विचारधारा बनाम भाजपा-आरएसएस की विभाजनकारी सोच की है।
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा है कि देश में इस समय दो परस्पर विरोधी विचारधाराओं के बीच सीधी लड़ाई चल रही है। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड (हल्द्वानी) दौरे के बाद हुए तथाकथित ‘शुद्धिकरण’ के मामले को उठाते हुए इसे दलित समुदाय के स्वाभिमान और कानून के साथ खिलवाड़ करार दिया।
‘शुद्धिकरण एक गंभीर अपराध, तुरंत हो FIR’
राहुल गांधी ने कहा कि किसी सार्वजनिक स्थल या आयोजन के बाद शुद्धिकरण की रस्म निभाना कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि कानूनन एक अपराध (Criminal Offence) और SC/ST एक्ट का सीधा उल्लंघन है।
“10 अगस्त को शुद्धिकरण किया गया और 13 अगस्त को खरगे जी ने संसद में स्पष्ट कहा कि उनका अपमान हुआ है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हमारी मांग है कि ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ अविलंब SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की जाए।”
प्रधानमंत्री और सरकारों की जवाबदेही तय हो
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि खुद को पूरे देश का और हर वर्ग का प्रतिनिधि बताने वाले प्रधानमंत्री को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र और उत्तराखंड राज्य सरकार दोनों की यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को न्याय मिले और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
‘यह केवल एक नेता का नहीं, देश के हर दलित का मुद्दा है’
राहुल गांधी ने रेखांकित किया कि यह मामला सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष का नहीं, बल्कि देश के हर दलित नागरिक के आत्मसम्मान से जुड़ा है। उन्होंने कहा:
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जब देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ सरेआम ऐसा बर्ताव किया जा सकता है, तो गांव-देहात के स्कूलों में आम दलित बच्चों के साथ क्या बीतती होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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आज भी समाज में दलित बच्चों से स्कूलों और शौचालयों की सफाई कराने जैसी अमानवीय घटनाएं सामने आती हैं।
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दलित दूल्हों को शादी के दौरान घोड़ी चढ़ने पर पथराव के डर से हेलमेट लगाना पड़ता है।
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दलित व्यक्ति समाज में जितना सफल होता है, उस पर हमलों का जोखिम उतना ही बढ़ जाता है।
दो विचारधाराओं के बीच की जंग
राहुल गांधी ने अंत में दोहराया कि देश वर्तमान में एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां एक तरफ डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की समावेशी व समतावादी विचारधारा है, तो दूसरी तरफ भाजपा और आरएसएस की सोच है, जो सामाजिक भेदभाव और असमानता को बढ़ावा देती है। कांग्रेस इस भेदभावपूर्ण मानसिकता के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

