पाली, 24 मई। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026” का शुभारंभ सोमवार से किया जाएगा। अभियान के तहत जिले में विभिन्न जन-जागरूकता एवं जल संरक्षण गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 25 मई से 5 जून 2026 तक संचालित होगा। जिला प्रशासन पाली द्वारा जारी कार्यक्रमानुसार सोमवार को प्रातः 8 बजे वंदे गंगा प्रभात फेरी व्यास चौराहा से अम्बेडकर चौराहा तक निकाली जाएगी। इसके पश्चात प्रातः 8ः15 बजे लाखोटिया उद्यान में श्रमदान एवं स्वच्छता गतिविधियां आयोजित होंगी।
कार्यक्रम के अगले चरण में प्रातः 10 बजे वंदे गंगा कलश यात्रा अटल वाटिका से गउ घाट तक निकाली जाएगी। प्रातः 10:15 बजे पीपल पूजन, दीप प्रज्जवलन, रंगोली एवं जल पूजा का आयोजन होगा। इसके बाद प्रातः 10:45 बजे पीपल पौधा वितरण तथा लाखोटिया उद्यान के बाहर इको-फ्रेंडली स्थानीय उत्पादों से संबंधित प्रशिक्षण, प्रदर्शनी एवं विक्रय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी दिन प्रातः 11 बजे पीपल पौधारोपण किया जाएगा तथा अभियान अवधि 25 मई से 5 जून 2026 तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जाएगी।
ये कार्यक्रम आयोजित होंगे’
मंगलवार, 26 मई को नुक्कड नाटकों का आयोजन, संकल्प, हरियालो राजस्थान, ओरण/चारागाहों का चिन्हीकरण, घास बुआई, पौधारोपण, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान, जल संचजय जल भागीदारी 2.0 पोर्टल पर इन्द्राज, 27 मई को स्थानीय गौशाला, पशु चिकित्सालय, दुग्ध संघ में स्वच्छता अभियान का आयोजन, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर धार्मिक, व्यापारिक संगठन, भामाशाह, गणमान्य व्यक्तियों को सूचीबद्धकर जल संरक्षण जन अभियान की गतिविधियों से संबंधित विषय पर विचार विमर्श व संगोष्ठी का आयोजन, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का फील्ड भ्रमण, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अभियान का प्रचार-प्रसार, 28 मई को राजकीय भवनों में स्थित आरटीडब्ल्यूएचएस की साफ सफाई व मरम्मत, रोड साईट पौधारोपण, सीएसआर कार्यशाला, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के अनुमोदित कार्यो के गैप फण्डिंग, जल उपयोग संरक्षण, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत कार्यो का लोकार्पण व नवीन स्वीकृति, औद्योगिक संस्थानों, निजी एवं सरकारी कार्यालयों को ग्रीन ऑफिस इनिशियेटिव, एनर्जी ओडिट, ग्रीन बजट की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने इन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन से अभियान में अधिकाधिक भागीदारी कर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है।