जोधपुर। पाली सांसद एवं ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी को उनकी उत्कृष्ट संसदीय कार्यशैली एवं 18वीं लोकसभा में सक्रिय सहभागिता के लिए चौथी बार “संसद रत्न पुरस्कार-2026” (16वां संस्करण) हेतु चयनित किया गया है। उन्हें संसदीय कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर “ओवरऑल टॉपर्स इन द टोटल टैली श्रेणी में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। संसद रत्न पुरस्कार प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा स्थापित एवं संसद रत्न अवार्ड समिति द्वारा संचालित प्रतिष्ठित सम्मान है, जो संसद सदस्यों को सदन में सक्रिय उपस्थिति, बहसों में भागीदारी, प्रश्न पूछने तथा विधायी कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
प्राइम पॉइंट फाउंडेशन ने बताया है कि सांसद चौधरी ने लगातार कई कार्यकालों से संसद में सक्रिय एवं प्रभावी भूमिका निभाई है और देश के सबसे सक्रिय सांसदों में उनकी पहचान बनी हुई है। 18वीं लोकसभा के दौरान उनकी उपस्थिति 99 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 85 प्रतिशत से काफी अधिक है। उन्होंने संसद में 269 प्रश्न उठाए, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 161 प्रतिशत अधिक हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने 47 बहसों में सक्रिय भागीदारी की तथा 6 निजी विधेयक (प्राइवेट मेंबर बिल) प्रस्तुत किए, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 15 गुना अधिक है। संसदीय गतिविधियों के इन आंकड़ों ने उन्हें देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों में शामिल किया है। संसद में सांसद चौधरी ने मुख्य रूप से सुशासन, न्यायिक एवं विधिक सुधार, प्रशासनिक जवाबदेही, आधारभूत संरचना विकास तथा जनकल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहे हैं। उनकी सक्रियता जनहित एवं विधायी दायित्वों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अब तक तीन बार मिला चुका है सम्मान प्राइम पॉइंट फाउंडेशन ने बताया है कि सांसद चौधरी को इससे पूर्व वर्ष 2014
एवं 2015 में भी संसद रत्न पुरस्कार मिला चुका हैं। वर्ष 2016 से 2019 के दौरान केंद्रीय मंत्री रहने के कारण उस अवधि के प्रदर्शन को पुरस्कार हेतु शामिल नहीं किया गया था। वहीं कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 से 2022 तक यह पुरस्कार आयोजित नहीं किए गए थे। इसके बाद वर्ष 2025 में भी उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया था।
सांसद चौधरी को चौथी बार मिलता यह सम्मान उनके निरंतर उत्कृष्ट संसदीय योगदान एवं सक्रिय विधायी सहभागिता की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है। पुरस्कार समारोह का आयोजन इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।




