श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। भीषण गर्मी और देश-दुनिया के बदलते हालातों के बावजूद भक्तों का विश्वास कम नहीं हुआ है। मंदिर के भंडार से निकली करोड़ों की दानराशि एक बार फिर सांवलिया सेठ के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा को दर्शा रही है।
चतुर्दशी के अवसर पर खोले गए मंदिर के भंडार की अब तक तीन चरणों में गिनती पूरी हो चुकी है, जिसमें 23 करोड़ 53 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की नकद राशि प्राप्त हुई है।
तीन चरणों में हुई गिनती
मंदिर प्रशासन के अनुसार:
- पहले चरण में 11 करोड़ 30 लाख रुपये
- दूसरे चरण में 5 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपये
- तीसरे चरण में 6 करोड़ 46 लाख रुपये
की नकद राशि सामने आई है। दान की यह राशि लगातार बढ़ती श्रद्धा और मंदिर की लोकप्रियता को दर्शा रही है। खास बात यह है कि यह आंकड़ा केवल नकद दान का है।
सोना-चांदी और कीमती भेंट भी मिली
नकद राशि के अलावा मंदिर भंडार से बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और अन्य कीमती उपहार भी प्राप्त हुए हैं। मंदिर मंडल द्वारा इनका अलग से मूल्यांकन कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कई श्रद्धालु आस्था स्वरूप आभूषण, चांदी के छत्र, सोने के आभूषण और अन्य विशेष भेंट भी अर्पित कर रहे हैं।
ऑनलाइन दान अभी शामिल नहीं
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मनी ऑर्डर और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए प्राप्त राशि को अभी इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में कुल दानराशि का आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है।
कई दिनों तक चलती है गिनती
सांवलिया सेठ मंदिर देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में गिना जाता है। यहां हर महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। चढ़ावे की मात्रा इतनी अधिक होती है कि भंडार की गिनती कई दिनों तक लगातार चलती रहती है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर यहां भेंट चढ़ाते हैं।
मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
भीषण गर्मी के बावजूद मंदिर में भक्तों की भीड़ लगातार बनी हुई है। मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि सांवलिया सेठ के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता, यही कारण है कि यहां हर साल चढ़ावे के नए रिकॉर्ड बनते जा रहे हैं।




