राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर एमएनआईटी में राजस्थान विज्ञान महोत्सव का समापन

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर एमएनआईटी में राजस्थान विज्ञान महोत्सव का समापन
Rajasthan District
जयपुर, 28 फरवरी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनआईटी), जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय राजस्थान विज्ञान महोत्सव- 2026 का विभिन्न वैज्ञानिक, शैक्षिक एवं प्रेरक कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान भारती तथा एमएनआईटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के अंतिम दिन विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं आमजन की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
समापन सत्र में शासन सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग वी. सरवण कुमार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इनमें चित्रकला प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, डीएनए एक्सट्रैक्शन चैलेंज, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक पुरस्कार तथा स्टार्ट-अप आइडिया पुरस्कार शामिल रहे।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2026 की थीम “विज्ञान में महिलाएँ – विकसित भारत की उत्प्रेरक” के अनुरूप रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), नई दिल्ली के स्ट्रैटेजिक लैब के निदेशक डॉ. महेश राजपुरोहित ने “रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्र में महिलाओं का नेतृत्व” विषय पर आयोजित विशेष सत्र में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ रक्षा अनुसंधान, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा उन्नत वैज्ञानिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उनका योगदान राष्ट्रीय सुरक्षा एवं वैज्ञानिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं, विशेषकर छात्राओं, को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित कुलगुरु राजस्थान विश्वविद्यालय अल्पना कटेजा, कुलगुरु बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय प्रोफेसर अखिल रंजन, केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव पद्मश्री आशुतोष शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने विज्ञान को राष्ट्र के समग्र विकास का आधार बताते हुए युवाओं से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों, संवाद सत्रों और प्रदर्शनों के माध्यम से प्रतिभागियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवीन आयामों से परिचित कराया गया।
महोत्सव के अंतिम दिवस की शुरुआत “विकसित भारत@2047 मार्च” से हुई, जिसमें विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखते हुए बड़ी संख्या में छात्राओं एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके पश्चात प्रतिभागियों के लिए संवाद एवं नेटवर्किंग सत्र तथा बैज पिनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत “रमन स्पेक्ट्रम” विषय पर व्याख्यान में रमन प्रभाव के वैज्ञानिक महत्व एवं उसके व्यावहारिक उपयोगों पर प्रकाश डाला गया।
तीन दिवसीय यह महोत्सव विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों में विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ। आयोजन ने विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में विज्ञान एवं तकनीक की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया। समारोह में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, विभागीय अधिकारियों एवं आम नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *