“विकसित राजस्थान की दिशा में मजबूत कदम” बजट पर बोले वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, राइट टू हेल्थ के मुद्दे पर पल्ला झाड़ा

“विकसित राजस्थान की दिशा में मजबूत कदम” बजट पर बोले वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, राइट टू हेल्थ के मुद्दे पर पल्ला झाड़ा

अजमेर में आयोजित बजट को लेकर प्रेस वार्ता के दौरान सियासी बयानबाज़ी तेज नजर आई. वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार के बजट को जनहित केंद्रित बताते हुए कहा कि यह दस्तावेज़ केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं बल्कि सरकार की विकास दृष्टि का रोडमैप है

उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की सोच पर आधारित है, जिसमें समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं शामिल की गई हैं. चतुर्वेदी ने इसे विकसित राजस्थान की दिशा में मजबूत कदम बताते हुए विपक्ष की आलोचनाओं को राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रेरित बताया

पर्यटन पर फोकस बजट का दावा

प्रेस वार्ता में बजट के सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को प्रमुखता से रेखांकित किया गया. चतुर्वेदी ने कहा कि युवाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण योजनाएं उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करेंगी, वहीं महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं आर्थिक सशक्तिकरण को गति देंगी. उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. उनके अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन—चारों स्तंभों को संतुलित रूप से साधने का प्रयास इस बजट में दिखाई देता है

राइट टू हेल्थ पर पल्ला झाड़ा

चिकित्सा सेवाओं को लेकर भी प्रेस वार्ता में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई. राइट टू हेल्थ विषय पर पूछे गए सवाल पर चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान बजट में प्रदेशवासियों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ऐसे में विपक्ष का हंगामा निराधार है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार राइट टू हेल्थ कानून तो लाई, लेकिन उसे प्रभावी क्रियान्वयन नहीं दे सकी. यहां तक कि आयुष्मान जैसी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक पूर्ण रूप से नहीं पहुंच पाया

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