नागौर के गांव में भारी तनाव, महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने पर विवाद, मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात

नागौर के गांव में भारी तनाव, महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने पर विवाद, मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात

नागौर जिले के श्री बालाजी थाना क्षेत्र के जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने को लेकर भारी तनाव पैदा हो गया. बीती सोमवार रात चोरी-छिपे मूर्ति स्थापित करने की कोशिश के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAC) की तीन कंपनियाँ तैनात करनी पड़ीं

घटना बीती रात करीब 1 बजे की है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और ग्राम पंचायत की सहमति के जोधियासी गांव के एक चौराहे पर महाराजा सूरजमल की मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया. सुबह करीब 5-6 बजे जब इसकी सूचना ग्रामीणों को मिली तो बड़ी संख्या में लोग चौराहे पर जमा हो गए और मूर्ति लगाने की इस कार्रवाई का जोरदार विरोध शुरू कर दिया. विरोध करने वाले ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि मूर्ति लगाने के पीछे धार्मिक आस्था या श्रद्धा नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति से प्रेरित ‘स्वार्थ’ है

Rajasthan: रात 1 बजे चोरी-छिपे लगाई महाराजा सूरजमल की मूर्ति, नागौर के गांव  में भारी तनाव, RAC की 3 कंपनियां तैनात | Maharaja Surajmal Statue Installed  Secretly at 1 AM, High ...

विरोध और तनाव बढ़ने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नागौर प्रशासन ने जोधियासी गांव में अतिरिक्त पुलिस बल भेजने का निर्णय लिया. मौजूदा जानकारी के अनुसार, गांव में इस समय तीन कंपनी आरएसी (RAC) सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात है. जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर करीब से नज़र रखे हुए हैं. फिलहाल, मूर्ति स्थल के पास ग्रामीणों का धरना (Protest) जारी है. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत करके मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं. माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से किसी भी अप्रिय घटना को नियंत्रित किया जा सका है

विरोध कर रहे ग्रामीणों का तर्क है कि यह स्थान सार्वजनिक है और किसी भी तरह की स्थायी संरचना या मूर्ति स्थापित करने से पहले जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत की आधिकारिक सहमति लेना अनिवार्य होता है, जिसका इस मामले में पूरी तरह उल्लंघन किया गया है. स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इस स्थान पर मूर्ति लगाने की कोशिश की गई है. इससे पहले भी कुछ समूहों द्वारा इसी स्थान पर मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया गया था, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध होने के बाद उस प्रयास को रोक दिया गया था

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