आनंदपाल सिंह एनकाउंटर मामला : पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत, एनकाउंटर करने वाले पुलिस-अफसरों पर नहीं चलेगा मर्डर केस

आनंदपाल सिंह एनकाउंटर मामला : पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत, एनकाउंटर करने वाले पुलिस-अफसरों पर नहीं चलेगा मर्डर केस

जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने आनंदपाल सिंह एनकाउंटर मामले में अदालत ने माना कि पुलिस अधिकारियों ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाई थीं और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।

फैसले से चूरू के तत्कालीन एसपी राहुल बारहट और एनकाउंटर में शामिल अन्य 6 पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। यह एनकाउंटर 24 जून 2017 को हुआ था, जिसमें आनंदपाल सिंह मारा गया था। निचली अदालत ने इन पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया था, लेकिन जिला एवं सत्र न्यायालय ने उस आदेश को निरस्त कर दिया है।

24 जून 2017 को पुलिस ने चूरू जिले के मालासर में श्रवण सिंह राजपूत के घर में छिपे आनंदपाल सिंह को मार गिराया था। (फाइल फोटो)

24 जून 2017 को चूरू जिले के मालासर गांव में राजस्थान पुलिस की SOG टीम ने कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर किया था। एनकाउंटर के बाद से ही इसे लेकर विवाद चल रहा था। आनंदपाल की पत्नी राजकंवर और भाई रूपेंद्र पाल सिंह ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी थी।

दिसंबर 2017 में राजस्थान सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था।​ सीबीआई ने अगस्त 2019 में जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें एनकाउंटर को सही बताया गया था। हालांकि, आनंदपाल की पत्नी राजकंवर ने मई 2023 में इस क्लोजर रिपोर्ट को अदालत में चुनौती दी।​

notorious gangster Anand Pal Singh was life sentence after death - कुख्यात  गैंगस्टर आनंद पाल सिंह जिसे मौत के बाद दी गई उम्रकैद की सजा और थम गया था  पूरा प्रदेश | Jansatta

24 जुलाई 2024 को जोधपुर की ACJM CBI कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। एनकाउंटर में शामिल 7 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने के आदेश दिए थे।

कोर्ट ने तत्कालीन चूरू एसपी राहुल बारहट, तत्कालीन एडिशनल एसपी विद्या प्रकाश चौधरी, उप अधीक्षक सूर्यवीर सिंह राठौड़, आरएसी हेड कांस्टेबल कैलाश चंद्र, कांस्टेबल धर्मपाल, कॉन्स्टेबल धर्मवीर सिंह और आरएसी के सोहन सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 302, 326, 325, 324 और धारा 149 के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए थे।

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