दिल्ली आश्रम अश्लील कांड में बड़ा अपडेट सामने आया है. आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को आगरा से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद चैतन्यानंद को दिल्ली पुलिस आगरा से दिल्ली ला रही है
मामला कैसे शुरू हुआ?
खुद को धार्मिक गुरु बताने वाले स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित एक निजी प्रबंधन संस्थान में छात्राओं से यौन उत्पीड़न, फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट और पदों पर अनुचित नियुक्ति के आरोप सामने आए. पीटीआई के अनुसार, मार्च 2025 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की एक छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई. जैसे-जैसे जांच बढ़ी, चौंकाने वाले खुलासे होते गए और आरोपी फरार हो गया
शिकायत में कहा गया कि 60,000 रुपये दान देने के बाद भी छात्रा से अतिरिक्त राशि की मांग की गई. पूर्व अध्यक्ष चैतन्यानंद ने वफादारों का नेटवर्क बनाकर संस्थान में कई अयोग्य लोगों को पद दिए. आरोप है कि छात्राओं को देर रात क्वार्टर में बुलाया जाता, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनुचित संदेश भेजे जाते और धमकाया जाता. एक एसोसिएट डीन समेत उनके परिवार के सदस्य भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताए गए. कई छात्राओं ने मजबूरी में कॉलेज छोड़ने की बात कही
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार चैतन्यानंद संस्थान में अंतिम निर्णय लेने वाला व्यक्ति था और उसने अपने परिचितों को पद दिलाए. शिकायत भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन द्वारा ईमेल भेजने के बाद औपचारिक रूप से दर्ज हुई. संस्थान ने एक अगस्त को प्रेस बयान जारी कर शिकायतों की पुष्टि की. अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से छात्राओं के उत्पीड़न, नेटवर्क और फर्जी नंबर प्लेट के मामलों में पूछताछ करेगी
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