नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद यह नियुक्ति की। प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का काम भी संभालेंगे।
पदभार संभालने के बाद जताया आभार
शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान की बात है और वह पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी के साथ इसका निर्वहन करेंगे।
पहले से संभाल रहे हैं दो अहम मंत्रालय
प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
1995 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
कर्नाटक के विजयपुरा में 27 नवंबर 1962 को जन्मे प्रह्लाद जोशी ने 1995 में भाजपा के साथ सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। धारवाड़ भाजपा जिलाध्यक्ष और जिला महासचिव रहने के बाद उन्होंने धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। वह लगातार पांच बार इस सीट से सांसद चुने जा चुके हैं।
2019 में पहली बार बने केंद्रीय मंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में वर्ष 2019 में प्रह्लाद जोशी पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए। उन्हें संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया था। बाद में उन्होंने कोयला मंत्रालय का भी कार्यभार संभाला। वर्तमान में वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मंत्री हैं। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के साथ उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।

