नई दिल्ली। साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य के लिए फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और डॉग स्क्वाड की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
9 लोगों को मलबे से निकाला, 3 की मौत
दिल्ली पुलिस के मुताबिक अब तक 9 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिनमें से 3 लोगों की मौत हो चुकी है। अन्य घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

PG में रहते थे स्टूडेंट्स
बताया जा रहा है कि यह इमारत मोतीबाग इलाके में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास थी और इसमें PG में पढ़ने वाले छात्र रहते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद शुरू की।
मलबे को बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से हटाया जा रहा है। वहीं, मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख
सत्य निकेतन हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है। पीएमओ की ओर से जारी बयान में हादसे को दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई गई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और हादसे से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौके पर
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव अभियान का जायजा ले रही हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है और मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।

