शिवगंज में स्कूल बस हुई खराब, मासूम बच्चों से लगवाया धक्का! निजी स्कूल की लापरवाही का वीडियो वायरल

शिवगंज। शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आर्य समाज के पीछे स्थित गली में उस समय हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला, जब एक निजी स्कूल की मिनी बस बीच रास्ते में खराब हो गई। बस को दोबारा चालू करने के लिए मासूम बच्चों से ही धक्का लगवाया गया। पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों में नाराजगी है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार यह मिनी बस काबा विश्वकर्मा एकेडमी अंग्रेजी माध्यम स्कूल की बताई जा रही है। छुट्टी के बाद बच्चे बस से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बस अचानक बंद हो गई। वाहन चालक द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय बच्चों को ही बस से उतारकर धक्का लगाने के लिए कहा गया। कुछ ही देर में कई मासूम बच्चे सड़क पर बस को धक्का लगाते नजर आए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह दृश्य देखकर राहगीर भी हैरान रह गए। लोगों का कहना है कि जिन बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन पर होती है, उन्हीं बच्चों से बस धक्का लगवाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।

शिवगंज शहर में एक स्कूल की मिनी बस खराब होने के बाद बच्चों को उसे धक्का लगाते देखा गया। - Dainik Bhaskar

मोटी फीस, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में

अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल परिवहन सुविधा के नाम पर हर वर्ष मोटी फीस वसूलते हैं, लेकिन वाहनों के रखरखाव और फिटनेस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। यदि बसें समय पर सर्विस और तकनीकी जांच से गुजरतीं तो ऐसी नौबत शायद नहीं आती।

खटारा स्कूली वाहनों पर क्यों नहीं होती कार्रवाई?

जिले में लंबे समय से पुराने और जर्जर स्कूली वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आती रही हैं। बावजूद इसके परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों की ओर से व्यापक जांच अभियान देखने को नहीं मिलता। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन कौन सुनिश्चित करेगा?

सुरक्षा मानकों की अनदेखी?

नियमों के अनुसार प्रत्येक स्कूली वाहन के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, निर्धारित क्षमता के अनुसार सीटिंग व्यवस्था और प्रशिक्षित चालक होना अनिवार्य है। यदि वाहन बार-बार खराब हो रहे हैं तो उनकी तकनीकी स्थिति और फिटनेस पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जिले के सभी निजी स्कूल वाहनों की विशेष जांच कराने की मांग भी उठाई गई है, ताकि भविष्य में किसी बच्चे की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बच्चों की जान से जुड़े ऐसे मामलों पर संबंधित विभाग सख्त कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगा?

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