शिवगंज (सिरोही)। देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को शिवगंज में कांग्रेस का आक्रोश खुलकर सामने आया। पूर्व विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा के नेतृत्व में पोस्ट ऑफिस चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, एनएसयूआई पदाधिकारियों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में आमजन ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान पोस्ट ऑफिस चौराहा काफी देर तक राजनीतिक नारों से गूंजता रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर रोक और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों और युवाओं ने भी आंदोलन में भाग लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार अव्यवस्था का शिकार होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों मेहनती विद्यार्थियों के सपनों को तोड़ दिया है। वर्षों तक कठिन परिश्रम करने वाले युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में यदि बार-बार अनियमितताएं सामने आ रही हैं तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार देश के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं करा सकती तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
संयम लोढ़ा ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और बढ़ती अनिश्चितता जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। लाखों विद्यार्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी सड़क से लेकर संसद तक उनके हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी की स्पष्ट मांग है कि देशभर में सामने आए सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसी मजबूत परीक्षा प्रणाली विकसित की जाए, जिससे भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और एनएसयूआई पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि छात्रों के हितों की लगातार अनदेखी होती रही तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगी तथा लोकतांत्रिक तरीके से युवाओं की आवाज़ बुलंद करती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और यदि शिक्षा व्यवस्था पर ही सवाल खड़े होने लगें तो यह पूरे राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है। सरकार को राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर विद्यार्थियों के हितों में ठोस निर्णय लेने चाहिए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता कायम रह सके और युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
प्रदर्शन में पूर्व पालिकाध्यक्ष वजिंग राम घांची, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण रावल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. हनवंत सिंह मेड़तिया, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश मीणा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चम्पालाल तिरगर, कांग्रेस जिला महासचिव कुशल सिंह देवड़ा, पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश सिंह राव, पन्नालाल, दशरथ सिंह, पुरुषोत्तम मिन्हास, पार्षद राजू सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष नजमा सिलावट, सुमित परमार, राहुल चावरिया, एनएसयूआई के महीराज राणावत, कल्पेश पारंगी, मयंक भाटी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और आमजन मौजूद रहे।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पेपर लीक जैसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जारी रहा, तो कांग्रेस पार्टी आने वाले समय में आंदोलन को और तेज करेगी। यह विरोध प्रदर्शन छात्रों के अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर आयोजित किया गया।



