33 कश्मीरी छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने किया सस्पेंड, 50 से ज्यादा कश्मीरी छात्रों का भविष्य लटका अधर

33 कश्मीरी छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने किया सस्पेंड, 50 से ज्यादा कश्मीरी छात्रों का भविष्य लटका अधर

मेवाड़ यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी में नर्सिंग कोर्स की मान्यता को लेकर चल रहा विवाद अब गहरा गया है. अपनी डिग्री के भविष्य को लेकर प्रदर्शन कर रहे 33 कश्मीरी छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है यूनिवर्सिटी के बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम में पढ़ रहे 50 से ज्यादा कश्मीरी छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है आरोप है कि जिस कोर्स में छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, उसे न तो राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) और न ही इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से जरूरी अप्रूवल मिला है

एक छात्र ने बताया कि वे 2022 बैच के स्टूडेंट हैं और इस समय उनका फाइनल ईयर चल रहा है. मार्च में उनकी अंतिम परीक्षा होनी है, लेकिन अब तक कोर्स को आरएनसी और आईएनसी  से मान्यता नहीं मिली है. उनका कहना है कि अगर कोर्स को मान्यता नहीं मिली तो उनकी डिग्री बेकार हो जाएगी. वे न तो प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन करा पाएंगे और न ही नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे

पहले भी इसी मुद्दे पर विरोध…

जानकारी के अनुसार छात्र पहले भी 2024 में इसी मुद्दे पर विरोध कर चुके हैं. उस समय यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कोर्ट में लिखित आश्वासन दिया था कि 4 दिसंबर 2024 तक अगर मान्यता नहीं मिली तो छात्रों को किसी अन्य मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में उसी स्कॉलरशिप पर शिफ्ट कर दिया जाएगा. लेकिन अब 2026 आ गया है और छात्रों के अनुसार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इस पूरे मामले में केवल 33 नहीं, बल्कि 50 से ज्यादा स्टूडेंट्स प्रभावित बताए जा रहे हैं.

फिलहाल छात्र प्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि इन 50 छात्रों का करियर तबाह होने से बच सके. छात्रों के प्रदर्शन पर गंगरार पुलिस मौके पर पहुंची और धरना स्थल से हटा दिया. इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई

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