जयपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जयपुर के शहीद स्मारक पर शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित हुए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने जश्न मनाया और नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाता और उनकी अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। वे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश में नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं में लगातार आक्रोश बना हुआ है। इसी क्रम में राजस्थान यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर छात्र नेता शुभम रेवाड़ भी पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी
राजधानी में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
पुलिस प्रशासन ने राजस्थान यूनिवर्सिटी, जवाहर सर्किल, शहीद स्मारक सहित अन्य संभावित प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
दिल्ली से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राजस्थान में भी तेजी से फैलता नजर आ रहा है। छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है।

