निकायों में SIR रोकने के फैसले पर विवाद ; याचिकाकर्ता बोले निर्वाचन आयोग मोहरा बन कर रहा काम

निकायों में SIR रोकने के फैसले पर विवाद ; याचिकाकर्ता बोले निर्वाचन आयोग मोहरा बन कर रहा काम

राजस्थान में कार्यकाल पूरा कर चुके निकायों में चल रहे निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण के कार्यक्रम(SIR) को स्थगित करने के राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं।  पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने इसे संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की अवमानना बताया है। राजस्थान में हाल में नए राज्य निर्वाचन आयुक्त मघुकर गुप्ता का कार्यकाल पूरा होने पर राजेश्वर सिंह राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुकति की गई है। मघुकर गुप्ता ने सरकार की मंशा के उलट जाते हुए पिछले महीने पंचायतों और निकायों में चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिए थे। इसके चलते निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण के कार्यक्रम(SIR) शुरू कर दिया गया था। लेकिन अब नए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने इस पर रोक लगा दी है।

वहीं पूर्व विधायक और विधि विशेषज्ञ संयम लोढ़ा ने इस मामले को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आयोग से अपील की है कि SIR रोकने के फैसले पर पुनर्विचार
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