राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल, जेडीए अब रिक्त भूखंडों और स्थानों को देगा अल्पावधि किराये पर

जयपुर, 06 मार्च।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व और नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में सुव्यवस्थित शहरी विकास तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के प्रभावी उपयोग के विजन को आगे बढ़ाते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अपनी विभिन्न रिक्त संपत्तियों एवं भूखंडों को अल्प अवधि के लिए किराये पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की गई है। इस संबंध में प्राधिकरण द्वारा शुक्रवार को दरें एवं आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इस पहल के अंतर्गत अब रिक्त भूखंडों सहित अन्य उपयुक्त स्थानों को निर्धारित शर्तों के साथ अस्थायी उपयोग के लिए किराये पर दिया जा सकेगा। इससे शहर में सामाजिक, सांस्कृतिक तथा व्यवसायिक गतिविधियों के लिए सुव्यवस्थित स्थान उपलब्ध होंगे तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

व्यवसायिक और गैर-व्यवसायिक गतिविधियों को मिलेगा अवसर

प्राधिकरण द्वारा इन स्थानों का उपयोग व्यवसायिक एवं गैर-व्यवसायिक दोनों प्रकार की गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा।
व्यवसायिक गतिविधियों के अंतर्गत साइट ऑफिस, मेंटेनेंस स्टोरेज, प्रदर्शनी, कार वॉशिंग, स्टोन एवं मार्बल विक्रय, गेम जोन, सर्कस आदि गतिविधियाँ संचालित की जा सकेंगी।
इसी प्रकार गैर-व्यवसायिक उपयोग के अंतर्गत सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम, सामूहिक विवाह, सरकारी एवं अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं की गतिविधियाँ, शैक्षणिक संस्थानों के कार्यक्रम, अस्थायी पार्किंग तथा नर्सरी जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा सकेगा।

अल्पावधि उपयोग के लिए निर्धारित की गई किराया दरें

जेडीए द्वारा अल्प अवधि के उपयोग के लिए दैनिक किराया आरक्षित दर के प्रतिशत के आधार पर निर्धारित किया गया है

• 1 से 3 दिन के लिए आरक्षित दर का 14 प्रतिशत वार्षिक के आधार पर दैनिक किराया
• 4 से 7 दिन के लिए 13 प्रतिशत वार्षिक के आधार पर दैनिक किराया
• 8 से 90 दिन तक के लिए 12 प्रतिशत वार्षिक के आधार पर दैनिक किराया
इस व्यवस्था के अंतर्गत एक बार में अधिकतम 90 दिनों तक के लिए स्थान आवंटित किया जा सकेगा, जिसे आवश्यकता अनुसार आगे नवीनीकृत भी किया जा सकेगा।
जेडीए सचिव निशांत जैन ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप शहर में उपलब्ध सार्वजनिक परिसंपत्तियों का अधिकतम और व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देशानुसार लागू इस व्यवस्था से विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यवसायिक गतिविधियों को उपयुक्त स्थान उपलब्ध होंगे साथ ही शहर के सुव्यवस्थित विकास को भी गति मिलेगी।

पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया

इस सुविधा के लिए राजस्थान का कोई भी निवासी, पंजीकृत संस्था, समाज या व्यवसायिक इकाई आवेदन कर सकती है। आवेदन के साथ पैन कार्ड एवं आधार कार्ड की प्रति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। आवेदन शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है, जो नॉन-रिफंडेबल होगा। बुकिंग की स्वीकृति के समय आवेदक को निर्धारित किराया एकमुश्त जमा कराना होगा तथा कुल राशि का 10 प्रतिशत धरोहर राशि के रूप में जमा करानी होगी।

नियमों का पालन अनिवार्य

प्राधिकरण द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आवंटित भूमि का उपयोग केवल अस्थायी गतिविधियों के लिए किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। आयोजन की अवधि के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, कचरा निस्तारण तथा किसी भी प्रकार की दुर्घटना या नुकसान की स्थिति में पूर्ण जिम्मेदारी किरायेदार की होगी।
इसके अतिरिक्त आवंटित स्थान का उप-लीज अथवा हस्तांतरण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *