किसान संघर्ष समिति जिला पाली का विशाल होली स्नेह मिलन समारोह

किसान संघर्ष समिति जिला पाली का विशाल होली स्नेह मिलन समारोह
temple, dais और वह टेक्स्ट जिसमें 'जय जवान जय किसान किसान संघर्ष समिति, पाली कििसानहोलीसंभिलनसमेलन रनेह जवाई Riars सेजोित 레식 हेमावास पुनर्मरम्म याजना दिनांक 27/2 27 2 /2026 शुकबार मा आ पा स्थान BLGT' लिखा है की फ़ोटो हो सकती है
28 फरवरी, पाली।  किसान संघर्ष समिति जिला पाली जिलाध्यक्ष गिरधारीसिंह मण्डली के नेतृत्व मे शुक्रवार को मानपुरा भाकरी हेमावास बांध पर स्थित जोगमाया मंदिर प्रांगण में एक विशाल किसान संघर्ष समिति पाली का होली स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे किसानों ने होली स्नेह मिलन के तहत आपसी भाईचारे का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर अपनी आवश्यक मांगों को लेकर एक स्वर एक गुंज सुनाई दी जय जवान जय किसान।
सम्मेलन के पश्चात समिति के अध्यक्ष गिरधारी सिंह मण्डली के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पाली विमलेंद्र सिंह राणावत के मार्फत राजस्थान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
एक या अधिक लोग, भीड़ और temple की फ़ोटो हो सकती है
ज्ञापन में सर्वप्रथम जवाई पुनर्भरण योजना के तहत निर्माणाधीन बांधों से हेमावास बांध को भी जोड़ा जाए ताकि क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार हो और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। जवाई बांध के पानी से वंचित क्षेत्रों के किसानों को हक दिलाने और हेमावास बांध से ‘लिफ्ट सिंचाई फेज-II’ जल्द शुरू कर रामसिया, मण्डली, काणदरा, गुरलाई, मादड़ी, दयालपुरा, गिरादड़ा, रूपावास, मूलियावास, केरला, जवड़िया, बलदो की ढाणी आदि गांवों को जोड़ने की मांग की गई। तथा मास्टर प्लान के तहत सड़कों को 80 फीट के बजाय 40 फीट करने एव रामासिया के पास गौचर भूमि से तुरंत अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई। वर्ष 2023 से अभी तक लंबित फसल बीमा क्लेम का भुगतान जल्द करने और मंडियों में फसल की बोली ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) से ही शुरू करने की मांग विशेष रूप से रखी गई। कार्यक्रम मे किसानों ने गुलाल लगाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं, साथ ही यह स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो यह शांतिपूर्ण कार्यक्रम आने वाले समय में एक उग्र आंदोलन का रूप ले लेगा।
इस मौके पर महिराज सिंह चाणोद, रिटायर्ड चीफ शंकरलाल परमार, मदनसिंह जागरवाल, जोगमाया मंदिर के महंत भरतनंद गिरी, गिरधारीसिंह राजपुरोहित, रिटायर्ड एडिशनल बींजाराम मीणा, महेन्द्र सिंह गोदावास, पूर्व सभापति कुसुम सोनी, पीराराम पटेल राणा, पूर्व पार्षद त्रिभुवन सिंह मंडली, पार्षद सुल्तान सिंह, गंगादान चारण, सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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