नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की चर्चा तेज है। इस बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या किसी केंद्रीय मंत्री के प्रधानमंत्री को इस्तीफा भेजने या सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा कर देने मात्र से उनका पद समाप्त हो जाता है? इसका जवाब भारतीय संविधान में स्पष्ट रूप से दिया गया है।
नोट: यदि किसी मंत्री के इस्तीफे का दावा किया जा रहा है, तो उसके प्रभावी होने की पुष्टि भारत सरकार की आधिकारिक अधिसूचना या राष्ट्रपति की स्वीकृति से होती है।
क्या सिर्फ इस्तीफा देने से मंत्री पद खत्म हो जाता है?
नहीं। भारतीय संविधान के अनुसार किसी केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा केवल पत्र लिखने या सार्वजनिक घोषणा करने से तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होता। जब तक राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर इस्तीफा स्वीकार नहीं करते और इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक संबंधित मंत्री कानूनी रूप से अपने पद पर बने रहते हैं।
केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की संवैधानिक प्रक्रिया
1. प्रधानमंत्री को सौंपा जाता है इस्तीफा
केंद्रीय मंत्री सबसे पहले अपना लिखित इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंपते हैं। प्रधानमंत्री उस इस्तीफे पर विचार करते हैं और तय करते हैं कि उसे स्वीकार करने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी जाए या नहीं।
2. राष्ट्रपति लेते हैं अंतिम निर्णय
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के अनुसार केंद्रीय मंत्री राष्ट्रपति के “प्रसादपर्यंत” (During the Pleasure of the President) पद पर बने रहते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री की सलाह के आधार पर राष्ट्रपति इस्तीफा स्वीकार करते हैं।
3. जारी होती है आधिकारिक अधिसूचना
राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद कैबिनेट सचिवालय भारत के राजपत्र (Gazette of India) में आधिकारिक अधिसूचना प्रकाशित करता है।
4. इसके बाद पद होता है रिक्त
गजट अधिसूचना जारी होने के बाद ही कानूनी रूप से मंत्री का पद रिक्त माना जाता है और इस्तीफा प्रभावी होता है।
क्या प्रधानमंत्री मंत्री को हटा सकते हैं?
हाँ। यदि कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देता, तो प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को उस मंत्री को पद से हटाने की सिफारिश कर सकते हैं। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर मंत्री को पद से हटाने की कार्रवाई करते हैं।
निष्कर्ष
किसी केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा केवल पत्र लिखने या सोशल मीडिया पोस्ट करने से प्रभावी नहीं होता। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री की सिफारिश, राष्ट्रपति की स्वीकृति और राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद ही इस्तीफा कानूनी रूप से लागू माना जाता है।



