अखिलेश यादव ने कहा कि अगर कोई अधिकारी शंकराचार्य से उनका परिचय और प्रमाणपत्र मांग रहा है तो सनातन धर्म का अपमान, भाजपा सरकार ने शंकराचार्य और साधु-संतो के साथ दुर्व्यवहार किया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर कोई अधिकारी शंकराचार्य से उनका परिचय और प्रमाणपत्र मांग रहा है तो सनातन धर्म का अपमान, भाजपा सरकार ने शंकराचार्य और साधु-संतो के साथ दुर्व्यवहार किया है।

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि अगर कोई अधिकारी शंकराचार्य से उनका परिचय और प्रमाणपत्र मांग रहा है तो सनातन धर्म का इससे बड़ा अपमान कोई और नहीं हो सकता है। शंकराचार्य और सभी साधु-संत हम सब की शोभा हैं। तमाम अनुयायी उनसे मिलने और आशीर्वाद लेने आते हैं, यही सनातन धर्म की परंपरा है। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने यह बयान शंकराचार्य स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ माघ मेले में हुई घटना को लेकर दिया है।

अखिलेश यादव ने लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा सनातन परंपरा को तोड़ रही है। साधु-संतों और शंकराचार्य को जानबूझकर अपमानित कर रही है। भाजपा सरकार ने शंकराचार्य और साधु-संतो के साथ दुर्व्यवहार किया है। भाजपा को अधिकारियों के माध्यम से ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हम लोग साधु-संतों और शंकराचार्य से आशीर्वाद लेकर जनता की सेवा करेंगे। जो साधु-संत सच्चाई और सत्य के मार्ग पर चलते हैं, वही असली संत होते है। कुछ लोग सरकार के हिसाब से चलते है, वे सच्चे संत नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार मनमानी पर उतारू है। लोगों की आवाज और सच्चाई को दबाना चाहती है। जो लोग भाजपा के हिसाब से काम नहीं करते है उनको तमाम तरीकों से प्रताड़ित किया जा रहा है। नोटिस भेजी जाती हैं। सीबीआई और ईडी से परेशान किया जाता है।

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