सिरोही। जिले में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार जावाल-जोयला सड़क चौड़ाईकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सीडी वर्क परियोजना की एक पुलिया पहली ही बारिश में धंस गई। गोल और सरदारपुरा के बीच बनी इस पुलिया का एक हिस्सा नीचे बैठ गया, जबकि उसकी नींव के स्पान भी अपनी जगह से खिसक गए। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह परियोजना पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन विधायक संयम लोढ़ा के प्रयासों से स्वीकृत हुई थी। परियोजना का उद्देश्य जावाल से जोयला तक सड़क संपर्क को बेहतर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाना था। इसके तहत जावाल, गोल, सरदारपुरा, अंदोर, भेव, अरठवाड़ा और पोसालिया सहित कई गांवों को जोड़ा गया है।
पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल
लगातार हो रही बारिश के बीच गोल और सरदारपुरा के बीच स्थित पुलिया का एक हिस्सा धंस गया। साथ ही पुलिया की नींव के स्पान भी अपनी जगह से खिसक गए। निर्माण पूरा होने के करीब एक वर्ष बाद पहली ही बारिश में इस तरह की क्षति सामने आने से निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मौके पर पहुंचे संयम लोढ़ा
पुलिया धंसने की सूचना मिलने पर शनिवार को पूर्व विधायक संयम लोढ़ा अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पुलिया का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।
निरीक्षण के बाद लोढ़ा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना में निर्माण गुणवत्ता से समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से तैयार हुई परियोजना की पुलिया का पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होना बेहद गंभीर मामला है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिया धंसने के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने मांग की कि यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, ठेकेदारों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

