राजस्थान की डिप्टी सीएम और फाइनेंस मिनिस्टर दिया कुमारी आज विधानसभा में भजनलाल सरकार का तीसरा पूर्ण बजट (Rajasthan Budget 2026-27) पेश करने जा रही हैं. ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए तैयार इस बजट से प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं को भारी उम्मीदें हैं
राजस्थान विधानसभा में आज (बुधवार) डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी बजट पेश कर रही हैं। इससे पहले उन्होंने कहा कि आज का बजट समावेश होगा। इसमें सभी वर्गों के लिए काफी कुछ नया होगा। इससे पहले सुबह 10 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच बजट की कॉपियां विधानसभा पहुंचाईं गईं।
सुगम और बाधारहित परिवहन सुनिश्चित करने के लिए सड़क अवसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु ब्लैक स्पॉट्स को समाप्त करने की कार्रवाई जारी है। सरकार ने 27 हजार 860 करोड़ रुपये व्यय कर 16,430 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया है। इसके साथ ही प्रदेश में सुगम और बाधारहित परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उन्हें समाप्त करने की कार्रवाई जारी है। सरकार ने 27 हजार 860 करोड़ रुपये व्यय कर 16,430 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया है। वहीं, सड़कों के सुधार और रखरखाव के लिए 1,400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
दीया कुमारी ने कहा कि पिछली सरकार के वित्तीय कुपंबंधन से उबारने के साथ निवेश को प्रोत्साहन दिया है। सामाजिक आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा देने पिछली बार हरित बजट दिया था। 41.39 प्रतिशत बढ़कर 2026—27 में 21 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। प्रति व्यक्ति आय 1.68 लाख से बढ़कर 2 लाख 2 हजार के पार पहुंच जाएगी
साल 2047 तक जल सुरक्षा का लक्ष्य रखा गया है। जलजीवन मिशन को गति दी जा रही है। 14 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन दिए गए हैं। बारां कोटा और झालावाड़ के लिए तीन हजार 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री जलजीवन मिशन शहरी योजना का दायरा बढ़ाया गया है। 6545 गांवों को इसमें शामिल किया गया है पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही अमृत 2.0 के तहत तीन लाख कनेक्शन जारी किए जाएंगे। बीकानेर के देशनोक में 24 घंटे पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राज्य को ऊर्जा प्रदेश के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में राजस्थान में दो लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। सौर ऊर्जा क्षेत्र में 19,200 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। बिजली वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए 220 केवी के 6, 132 केवी के 13 और 33 केवी के 110 जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) का निर्माण किया जाएगा। इससे प्रदेश का विद्युत वितरण नेटवर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार ने प्रतिदिन 8 उद्योगों के लिए भूमि आबंटित की है। राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे। हर संभाग में प्लग एंड प्ले सुविधा निर्मित की जाएगी।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा एवं रोजगार योजना के तहत 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस योजना के माध्यम से करीब 30 हजार युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया जाएगा। साथ ही विभिन्न जिलों में ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नशे की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण के लिए जिला अस्पतालों में विशेष नशा मुक्ति वार्ड स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रभावित लोगों को बेहतर उपचार और परामर्श सुविधा मिल सके।












