नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के दावे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन की जीत बताते हुए कहा कि यह दिखाता है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने पर परिणाम मिलते हैं। वहीं, सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “कॉकरोज जीत गए। लोकतंत्र जीत गया। जय हिंद।”
नोट: इस खबर में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख संबंधित दावों के आधार पर है। किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें।
अभिजीत दीपके बोले- मुझे हीरो मत बनाइए
जंतर-मंतर पर मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन हमने दिखा दिया कि लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ने पर बदलाव संभव है। हालांकि, मुझे हीरो मत बनाइए। किसी एक व्यक्ति को हीरो बनाने की गलती नहीं करनी चाहिए।”
दीपके ने कहा कि यह जीत पूरे आंदोलन और छात्रों की एकजुटता की है।
जंतर-मंतर पर मनाया गया जश्न
इस्तीफे के दावे के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर खुशी जताई। बड़ी संख्या में छात्रों और समर्थकों ने इसे अपने आंदोलन की सफलता बताया।
आशुतोष रांका ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि सरकार उनकी तीन प्रमुख मांगों को लिखित रूप में स्वीकार कर लेती है तो संगठन अपना आंदोलन पूरी तरह समाप्त कर देगा।
उन्होंने देशभर के लोगों से शाम 6 बजे शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालने की अपील करते हुए कहा कि इसके लिए प्रशासन से अनुमति भी मांगी गई है।
CJP की प्रमुख मांगें
- सरकार तीनों मांगों को लिखित रूप में स्वीकार करे।
- आंदोलनकारियों को आधिकारिक आश्वासन दिया जाए।
- पूरे देश में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च की अनुमति दी जाए।


