नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ करीब चार घंटे तक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर प्रशासन, विभागों के बीच समन्वय और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका सकारात्मक प्रभाव सीधे आम लोगों के जीवन में दिखाई दे। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के लिए ‘पीएम गतिशक्ति’ प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए तथा जनहित से जुड़े कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
बैठक में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न मंत्रालयों में चल रहे संरचनात्मक सुधारों और नई पहलों की प्रगति से प्रधानमंत्री को अवगत कराया।
समीक्षा बैठक में हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न मंत्रालयों, विशेषकर रेलवे में शुरू की गई ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ पहल की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस पहल के तहत तय समय-सीमा में सुधारात्मक कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर समयबद्ध कार्य संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि निर्धारित समय के भीतर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने अधिकारियों से नवाचार, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।




