पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लोकसभा में अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता की मांग करने की तैयारी की है।
बागी सांसदों की अगुवाई कर रहीं सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके साथ 20 से अधिक सांसदों का समर्थन है। उन्होंने कहा कि बागी गुट लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग संसदीय पहचान की मांग करेगा।
सूत्रों के अनुसार, बागी सांसदों की एक बैठक केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर भी हुई, जिसमें कई सांसद शामिल हुए। हालांकि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए सांसदों की संख्या पर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बागी गुट अपने दावों के अनुरूप पर्याप्त समर्थन जुटाने में सफल रहता है तो यह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि दल-बदल कानून के तहत किसी भी अलग गुट को मान्यता मिलने की प्रक्रिया आसान नहीं होगी।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक गलियारों की नजर टिकी हुई है और लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष होने वाली आगामी कार्यवाही को निर्णायक माना जा रहा है।




