अलवर में फिर दर्दनाक हादसा खेलते-खेलते कार में बंद हुई दो मासूम बहनें, दम घुटने से मौत

अलवर में फिर दर्दनाक हादसा खेलते-खेलते कार में बंद हुई दो मासूम बहनें, दम घुटने से मौत

अलवर में मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में आठ महीने की बच्ची की मौत के बाद अब शहर से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां खेलते-खेलते कार में बंद हुई दो सगी बहनों की दम घुटने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

घटना वैशाली नगर थाना क्षेत्र के खुदनपूरी इलाके की बताई जा रही है। बुधवार को हुई इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दोनों मासूम बच्चियां खेलते-खेलते पास में स्थित एक कार सर्विस सेंटर तक पहुंच गई थीं। वहां खड़ी कार उनके लिए मौत का कारण बन गई।

खेल-खेल में कार बनी मौत का जाल

परिजनों के अनुसार दोनों बच्चियां खेलते हुए कार के अंदर जा बैठीं। इसी दौरान अचानक कार के दरवाजे लॉक हो गए और दोनों मासूम अंदर ही फंस गईं।

काफी देर तक बच्चियों के नजर नहीं आने पर परिवार और आसपास के लोगों ने तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान सर्विस सेंटर में खड़ी कार के अंदर दोनों बच्चियां बेसुध हालत में मिलीं।

लोगों ने तुरंत कार खोलकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दम घुटने से दोनों की मौत हो चुकी थी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि दोनों बच्चियों की मां का करीब चार साल पहले निधन हो चुका था। पिता रमेश अपनी दोनों बेटियों के सहारे जिंदगी गुजार रहे थे।

अब इस हादसे ने परिवार से दोनों मासूमों को भी छीन लिया। घटना के बाद पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इलाके में भी मातम पसरा हुआ है।

सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है। पुलिस फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

घटना की सूचना मिलते ही वैशाली नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चियों के शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार सर्विस सेंटर और सार्वजनिक जगहों पर खड़े वाहनों को सुरक्षित तरीके से लॉक और मॉनिटर किया जाना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बंद कार के अंदर कुछ ही मिनटों में तापमान बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे दम घुटने जैसी स्थिति बन जाती है।

पूरे इलाके में शोक का माहौल

मासूम बच्चियों की मौत की खबर फैलते ही इलाके में सन्नाटा छा गया। पड़ोसी और स्थानीय लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं।

पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।

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