दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल तक, 9 राज्यों के गवर्नर बदल गए हैं. इससे पहले आज गुरुवार (5 मार्च) को ही पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस और लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. भारत के राष्ट्रपति ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है.
इन राज्यों के बदले गवर्नर
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल के कार्यभार पर नियुक्त किया गया है.
लद्दाख-दिल्ली के उपराज्यपाल बदले
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया. तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया.
कौन हैं तरनजीत सिंह संधू?
तरनजीत सिंह को पीएम मोदी का करीबी माना जाता है. वह पूर्व राजनयिक हैं और 2020 से लेकर 2024 तक उन्होंने अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में काम किया. अपने 35 साल के कूटनीतिक करियर में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. संधू श्रीलंका में भारत के हाई कमिश्नर और जर्मनी में कॉन्सुल जनरल के रूप में भी काम कर चुके हैं.
कौन हैं नागालैंड के राज्यपाल बने नंद किशोर यादव?
नंद किशोर यादव की गिनती बिहार में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता के तौर पर की जाती है. वह बिहार विधानसभा के पूर्व स्पीकर भी रह चुके हैं. इसके अलावा वह बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं. बिहार BJP अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं. यादव सात बार विधायक रहे हैं. उन्होंने 2025 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था. उसी समय से अटकलें लग रही थीं कि राज्यपाल बनाया जा सकता है.
कौन हैं शिव प्रताप शुक्ला?
शिव प्रताप शुक्ला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह वित्त राज्यमंत्री थे. वह यूपी में चार बार विधायक चुने गए. इस दौरान वह यूपी सरकार में मंत्री भी बने. उन्हें उत्तर प्रदेश के बड़े ब्राह्मण चेहरों में एक माना जाता है. जब वह राज्यसभा में थे, उन्हें भाजपा की ओर से व्हिप भी नियुक्त किया गया था. इस समय वह हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हैं और अब उन्हें तेलंगाना भेजा गया है








