अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर किए जा रहे हमलों को लेकर रूस एक बार फिर भड़का है. रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि अमेरिका-इजरायल की ओर से हमलों में कोई कमी नहीं की जा रही है, रमजान के पवित्र महीने में इस्लामी दुनिया में फूट डालने की कोशिश की जा रही है
लेबनान के प्रधानमंत्री ने ईरान के आईआरजीसी से जुड़े किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी और देश में इस समूह की सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश दिया है. सरकार ने लेबनान में प्रवेश करने के लिए ईरानियों के लिए वीजा अनिवार्य कर दिया है
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को लेकर क्रेमलिन का बड़ा बयान सामने आया है. कहा कि यह हमारा युद्ध नहीं है, इस युद्ध को केवल वही रोक सकता है, जिसने इसको शुरू किया है. वहीं, रूस की ओर से यह कहा गया है कि रूस को अब तक ईरान की ओर से किसी भी तरह की सैन्य या अन्य मदद नहीं मांगी गई है
पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से की बात
पश्चिमी एशिया में बढ़ी टेंशन के बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘आज मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से बात की. हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर अपनी साझा चिंताओं और संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने की जरूरतों पर चर्चा की. हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए घनिष्ठ रूप से जुड़े रहेंगे और प्रयासों का समन्वय करेंगे
ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने US को दी चेतावनी
ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की चेतावनी, कहा अमेरिका ईरान पर जमीनी आक्रमण की योजना बना रहे हैं। हमारे बहादुर बेटे, इमाम खुमैनी और इमाम खामेनेई के अनुयायी, उन दुष्ट अमेरिकी अधिकारियों को हजारों लोगों को मारकर और बंदी बनाकर अपमानित करने के लिए तैयार हैं. ईरान शैतानों के नाचने की जगह नहीं है
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने मचाई ईरान में तबाही
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ शुरू हुई जंग आज छठे दिन में पहुंच गई है. ये सब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की जॉइंट स्ट्राइक्स से शुरू हुआ था, जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. तब से अब तक हालात बहुत तेजी से बिगड़े हैं. ईरान ने जवाबी हमले शुरू किए, गल्फ देशों में अमेरिकी बेस और दूतावासों पर ड्रोन और मिसाइल दागे. इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अटैक बढ़ाए. ईरान में मौतों का आंकड़ा अब 1145 से ऊपर पहुंच गया है और दुनिया भर में तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई हैं.
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने मचाई ईरान में तबाही
सब कुछ अचानक शुरू हुआ. अमेरिका और इजरायल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ लॉन्च किया. इजरायली F-35 और अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स, बैलिस्टिक मिसाइल बेस और लीडरशिप टारगेट्स पर हमले किए. तेहरान में खामेनेई का घर हिट हुआ और ईरानी मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की. पहले दिन ईरान में करीब 200 लोग मारे गए, जिसमें ज्यादातर मिलिट्री पर्सनल शामिल थे. अमेरिका ने कहा कि ये ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम को रोकने के लिए था. इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने बाद में फॉक्स न्यूज को बताया कि अगर अब नहीं रोकते, तो ईरान के प्रोग्राम कुछ महीनों में हमलों से ‘इम्यून’ हो जाते यानी अंडरग्राउंड बंकर इतने मजबूत कि कोई हमला काम नहीं कर सकता था. इजरायल ने GBU-28 बंकर बस्टर बॉम्ब इस्तेमाल किए, अमेरिका ने टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं. कुल 500 से ज्यादा टारगेट हिट हुए. ईरान ने पहले दिन कोई बड़ा जवाब नहीं दिया, लेकिन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी
शुरुआती 30 घंटों में ईरान पर 2000 हमले हुए
आज सुबह से तेहरान में अमेरिकी और इजरायली स्ट्राइक्स जारी हैं. 2000 से ज्यादा टारगेट हिट हो चुके हैं. इजरायल ने तेहरान में IRIB (ईरानी ब्रॉडकास्टिंग) के और साइट्स तबाह किए. ईरान ने जवाब में इराक के एरबिल में अमेरिकी बेस पर ड्रोन्स दागे, जहां 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए. लेबनान में दक्षिणी गांवों से हजारों लोग भाग रहे हैं, ट्रैफिक में फंसरकर आज लेबनान में 20 मौतें और हुईं.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने X पर पोस्ट किया कि अमेरिका ने इजरायल की तरफ से ‘चॉइस की जंग’ शुरू की, कोई ईरानी खतरा नहीं था. अमेरिकी हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि हमले ‘डिफेंस के लिए जरूरी’ थे, और जल्दी खत्म होंगे. ट्रंप ने रियाद हमले पर कहा कि जवाब ‘बहुत जल्द’ आएगा, लेकिन ग्राउंड ट्रूप्स नहीं भेजेंगे











