प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे पर आज राज्यवासियों को संबोधित भी किया। उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित जनसभा में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया। बढ़ती सियासी सरगर्मियों के बीच चुनावी बिगुल फूंकते हुए पीएम मोदी ने एक तरफ जहां भाजपा के कार्यकाल में हुए फैसलों और विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया तो दूसरी तरफ विपक्षी राजनीतिक पार्टी- कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया।
पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज ही पुलवामा हमले की बरसी है। मैं इस हमले में जान गंवाने वाले मां भारती के वीर सपूतों को नमन करता हूं। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सजा दी, वो पूरी दुनिया ने देखा है। जम्मू-कश्मीर के ही पहलगाम में अप्रैल, 2025 में दहशतगर्दों की कायराना करतूत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, अभी आपने भारत की ये शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखी है।
पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना के मुंहतोड़ जवाब का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने गुवाहाटी की जनसभा में मौजूद जनता से पूछा, ‘मैं आपसे जानना चाहता हूं कि क्या कभी कांग्रेस में देशहित के लिए इतनी हिम्मत के साथ फैसले करने की ताकत थी क्या? वो ज्यादा से ज्यादा बयान दे सकते हैं।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘जो कांग्रेस भारत को राष्ट्र मानने से भी इनकार करती हो… जो सवाल करते हैं कि मां भारती क्या होती है, जो मां भारती के नाम तक से परहेज करती हो, जो मां भारती के प्रति जरा सा सम्मान तक नहीं दिखाते, वो कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती।
अब कांग्रेस…
उन्होंने कहा, ‘आज की कांग्रेस हर उस विचार… हर उस आतंकी को कंधे पर बिठाती है… जो देश का बुरा सोचता है। जो लोग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं… जो लोग, नॉर्थईस्ट को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं… वो कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं।’ पीएम मोदी ने कहा, आजादी के समय मुस्लिम लीग ने देश का बंटवारा कराया। अब आज की कांग्रेस, मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस यानी MMC बनकर फिर देश को बांटने में लग गई है। इसलिए आपको कांग्रेस से सावधान रहना है और असम की जनता को भी सावधान करना है।
बजट में बहुत अधिक जोर नार्थईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। इस बार असम को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। कांग्रेस के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था। वो आपको भलीभांति याद होगा। कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपये मिलते थे।












