कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण मामला अब एसआईटी की जांच में है। घटना के बाद से ही साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के रहस्य ने लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। एसआईटी अब तक मेडिकल बोर्ड से प्राप्त सभी सैंपल्स को विभिन्न एजेंसियों को भेजकर परीक्षण करवा रही है। एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि सभी तकनीकी सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है और मेडिकल बोर्ड द्वारा मौत के कारण के स्पष्ट होने तक अन्य संभावनाओं की भी जांच जारी है।
इसी बीच, साध्वी प्रेम बाईसा की पैतृक गांव बाड़मेर के परेऊ गांव में उनकी समाधि पूजन की रस्म सम्पन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत, महात्मा और अनुयायी मौजूद रहे। बेटी के वियोग में अन्न-जल त्यागे बैठे पिता वीरम नाथ को संतों ने दूध पिलाकर उनका संकल्प तुड़वाया। संतों ने साध्वी को केवल एक व्यक्ति की बेटी नहीं बल्कि सनातन की बेटी बताया और पुलिस एवं प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। पूरननाथ महाराज ने बताया कि संप्रदाय के अनुसार समाधि पूजन संपन्न हुआ और क्षेत्र के सभी प्रमुख संतों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान साध्वी प्रेम बाईसा के अनुयायियों और समाज ने उनके योगदान को याद किया और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।












