साध्वी की मौत को लेकर हर दिन नई-नई बात सामने आ रही है. इस बीच शनिवार को साध्वी प्रेम बाईसा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी की मौत की असली वजह का पता नहीं चल पाया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘कॉज ऑफ डेथ’ का पता न चल पाने और आंत के लाल होने पर साध्वी की मौत की गुत्थी अब और उलझ गई है. अब सवाल है कि अगर जहर की वजह से आंत लाल हुई तो शरीर में जहर कैसे पहुंचा. पुलिस इसकी भी जांच कर रही है. FSL की जांच रिपोर्ट के बाद खुलासा होने की उम्मीद है. उधर पुलिस साध्वी को इंजेक्शन देने वाले कंपाउंडर देवी सिंह से पूछताछ कर रही है. साध्वी को किस हालात में इंजेक्शन लगाया था और उस समय साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत कैसी थी
जांच टीम ने कंपाउंडर से पूछताछ की कि इंजेक्शन किसका था, किसके कहने पर लगाया गया और क्या इससे पहले या बाद में कोई और दवा दी गई थी. साथ में अन्य इंजेक्शन कौन से लगाए गए थे. जानकारी के मुताबिक, कंपाउंडर देवी सिंह ने पुलिस को बताया कि साध्वी पहले कई बार डेक्सोना इंजेक्शन ले चुकी थीं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी
आश्रम के बाहर मिली 2 अस्थालीन की सीसी

वहीं, साध्वी प्रेम बाईसा के आश्रम के बाहर दो अस्थालीन की सीसी मिली है. उधर साध्वी के डेक्सोना इंजेक्शन लेने को लेकर कंपाउंडर के खुलासे से अब सवाल खड़ा हो गया कि क्या साध्वी अस्थमा की मरीज थीं. बता दें कि डेक्सोना इंजेक्शन फेफड़ों की सूजन कम करता है. सांस की नलियों को खुलने में मदद करता है. ज्यादा मात्रा में डेक्सोना घातक हो सकता है












