बांग्लादेश में एक और हिंदू को जिंदा जलाने की कोशिश, दो हफ्ते के भीतर हिंदू पर चौथा हमला, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर भारत ने चिंता जताई

बांग्लादेश में एक और हिंदू को जिंदा जलाने की कोशिश, दो हफ्ते के भीतर हिंदू पर चौथा हमला, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर भारत ने चिंता जताई

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है. यहां के शरियतपुर जिले में खोकन चंद्र नाम के हिंदू युवक को हिंसक गिरोह घेर लिया और फिर बेरहमी से पीटा. उपद्रवी इतने पर नहीं माने उन्होंने इसके बाद खोकन दास पर चाकू से हमला किया और फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की. हिंदू युवक पर यह हमला बुधवार (31 दिसंबर 2025) को हुई, जिसके बाद युवक ने तालाब में छलांग लगाकर किसी तरह अपनी जान बचाई.

दो हफ्ते के भीतर हिंदू पर चौथा हमला

द वीक की खबर के मुताबिक खोकन चंद्र एक फार्मेसी के मालिक हैं और 31 दिसंबर को जब वह दुकान से घर जा रहे थे तब उनपर हमला किया गया. फिलहाल वह शरियतपुर सदर अस्पताल में भर्ती हैं. बांग्लादेश में दो हफ्ते के भीतर किसी हिंदू पर यह चौथा हमला है. यहां मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे दुनिया भर के लोगों और कई मानवाधिकार संगठनों में गुस्से का माहौल है

वहीं बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की ओर से कही गई बातें उनके देश की वास्तविक हालात को बयां नहीं करती है. बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि यूनुस सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल रही है और चरमपंथियों को विदेश नीति तय करने की अनुमति देती है. उन्होंने कहा, ‘यूनुस ने ऐसे लोगों को सत्ता के पदों पर बिठाया है और दोषी ठहराए गए आतंकवादियों को जेल से रिहा किया है. भारत को अपने कर्मियों की सुरक्षा को लेकर जो चिंताएं हैं, वे जायज हैं. एक जिम्मेदार सरकार राजनयिक मिशनों की रक्षा करेगी और उन्हें धमकाने वालों पर मुकदमा चलाएगी

अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर भारत ने चिंता जताई

पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा की घटनाओं पर भारत ने चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत बांग्लादेश में हालात पर नजर बनाए हुए है और वहां हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी शत्रुता पर गंभीर चिंता जताई है. अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की 2,900 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है

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