लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच जमकर बहस देखने को मिली, अमित शाह ने कहा कि विपक्षी नेता कहते हैं कि मतदाता सूची सही नहीं है. इसका सुधार करिए तो SIR क्या है. मतदाता सूची पुराना हो या नया, आपका हारना तय है. जब आप जीतते हैं, तो चुनाव आयोग महान है, जब आप हारते हैं तो चुनाव आयोग बीजेपी की है. दो दो वोटर कार्ड. सामान्य गलतियां है. आप वोट काट नहीं सकते थे, इसलिए दो दो जगहों पर वोटर कार्ड है., इसी को सुधार करने के लिए SIR है
अमित शाह के भाषण के बीच में टोकते राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा की बात की. एक उदाहरण दिया. अनेक उदाहरण है. इस पर राहुल गांधी ने अंग्रेजी में अमित शाह को बहस करने की चुनौती दे डाली. राहुल ने कहा- आइए, मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करें, मैं आपको अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनौती देता हूं
राहुल गांधी के इतना बोलने के बाद अमित शाह ने कहा, “आपके अनुसार संसद नहीं चलेगा. मेरे बोलने का क्रम वो नहीं तय कर सकते हैं.” इसके बाद राहुल गांधी ने कहा, “अमित शाह जी का डरा हुआ, घबराया हुआ रिस्पोंस है, डिफेंसिव हो गए.”
वोट चोरी किसको कहते हैं, मैं बताता हूं: अमित शाह
गृहमंत्री ने अपना भाषण जारी रखा. उन्होंने कहा कि वोट चोरी किसको कहते हैं, मैं बताता हूं. योग्यता नहीं है, आप वोटर बन जाते हैं. अनैतिक तरीके से चुनाव जीतना. आप जनादेश की अवहेलना करते हैं, तो वोट चोरी कहलाता है. सबसे पहले वोट चोरी नेहरू ने की थी. पटेल को 28 वोट मिले थे और नेहरू को 2 वोट मिले थे. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तय कर दिया कि श्रीमति गांधी ने सही तरीके से चुनाव नहीं जीता है. उसको ढकने के लिए कानून लाया, अपने आप को पावर दी गई. एक विवाद पहुंचा है, दिल्ली की कोर्ट में, नागरिक बनने से पहले सोनिया मतदाता कैसे बनीं?











