करधनी इलाके के गोविंद वाटिका में चार हत्याओं से सनसनी, वारदात के बाद मोबाइल घर पर छोड़कर फरार हुआ आरोपी; CCTV के जरिए तलाश में जुटी पुलिस
जयपुर। राजधानी जयपुर के करधनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पति ने वारदात को अंजाम देने से पहले पत्नी और तीन बेटियों को खाने में जहर दिया। इसके बाद उनके बेहोश होने के बाद पत्थर से सिर पर वार कर हत्या कर दी।
पुलिस की शुरुआती जांच में वारदात पूर्व नियोजित होने की आशंका जताई जा रही है। आरोपी के कर्ज में डूबे होने की बात भी सामने आई है और पुलिस इसी दिशा में मामले की जांच कर रही है। वारदात के बाद आरोपी अपना मोबाइल फोन घर पर ही बंद करके छोड़ गया और फरार हो गया। पुलिस अब CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश में जुटी है।

पत्नी और तीन बेटियों की हत्या
DCP वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार गोविंद वाटिका में राहुल झा (45) पर अपनी पत्नी गीता झा (40) और तीन बेटियों नंदनी (22), राधिका (17) और गिरीश उर्फ गौरी (14) की हत्या करने का आरोप है।
घटना के बाद पुलिस और FSL टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। आरोपी के भाई संजय कुमार झा की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है।
खाने में जहर देने के बाद वारदात को दिया अंजाम
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी ने गुरुवार रात परिवार के सदस्यों को खाने में जहर मिलाकर दिया। खाना खाने के बाद परिवार के लोग रोजाना की तरह अपने-अपने कमरों में सोने चले गए।
आरोपी भी पत्नी के साथ पहली मंजिल स्थित कमरे में चला गया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने पहले से ही वारदात की योजना बना रखी थी।
सुबह पत्नी और बेटियों पर किया हमला
शुक्रवार सुबह आरोपी ने परिवार के सदस्यों को चेक किया। पुलिस के अनुसार उसे आशंका थी कि जहर देने के बावजूद पत्नी और बेटियां जीवित हो सकती हैं। इसके बाद उसने घर के बाहर रखी करीब डेढ़ फीट लंबी और लगभग 10 किलो वजन की सीमेंट की पट्टी उठाई।
आरोप है कि उसने पहले अपनी पत्नी पर हमला किया और इसके बाद तीनों बेटियों के सिर और चेहरे पर भी वार किए। घटना में चारों की मौत हो गई।
खून से सने कपड़े बदले, पिता को चाय पिलाई
वारदात के बाद आरोपी ने कथित तौर पर खून साफ किया और अपने खून से सने कपड़े बदल लिए। पुलिस ने आरोपी के खून से सने कपड़े बरामद किए हैं।
इसके बाद सुबह करीब 7 बजे दूध लेने के बाद जागे आरोपी के बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा (85) को चाय बनाकर पिलाई गई। इसके बाद आरोपी ने पिता को बाहर जाने के लिए कहा।
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- कमरे में खून ही खून था
घटना की जानकारी सामने आने के बाद मौके पर पहुंची प्रत्यक्षदर्शी सुशीला ने बताया कि वह सुबह करीब 9 बजे उठी थीं। वह दूध लेकर घर के अंदर गईं। उनके मुताबिक आरोपी के पिता लक्ष्मीनाथ झा सुबह करीब 9:36 बजे घर के बाहर खड़े थे और उन्हें अंदर लेकर गए।
सुशीला के अनुसार जब वह अंदर पहुंचीं तो कमरे में बेड पर बच्ची का शव दिखाई दिया। बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे और बेड पर खून फैला हुआ था।
घटना का मंजर देखकर वह तुरंत बाहर आईं और कॉलोनी के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
हंसते-खेलते परिवार में पसरा मातम
सुशीला ने बताया कि परिवार की सबसे छोटी बच्ची गौरी और उनका बेटा एक ही स्कूल में पढ़ते थे। बच्ची गुरुवार सुबह स्कूल की पिकनिक पर गई थी और शाम करीब 7 बजे वापस घर लौटी थी।
एक दिन पहले तक सामान्य नजर आ रहे परिवार में अचानक चार मौतों के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
भतीजी ने बताया- चाची से गुरुवार शाम हुई थी बात
राहुल की भतीजी सिमरन के मुताबिक गुरुवार शाम उसकी चाची गीता से फोन पर बात हुई थी। सिमरन ने बताया कि गीता उस समय सामान्य तरीके से हंसकर बात कर रही थीं।
सिमरन के अनुसार गीता के पास नकद पैसे थे और उन्हें ऑनलाइन पैसे की जरूरत थी, जिसके लिए उसने पैसे भेजे थे। कर्ज को लेकर पूछे जाने पर सिमरन ने बताया कि राहुल ट्रेडिंग के साथ टाइल्स का काम भी करता था।
कर्ज बना हत्या की वजह? पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर आरोपी ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। शुरुआती जांच में कर्ज और आर्थिक परेशानी को वारदात की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन हत्या के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पुलिस आरोपी की तलाश के लिए CCTV फुटेज खंगाल रही है। साथ ही उसके मोबाइल, आर्थिक लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
चार हत्याओं के इस सनसनीखेज मामले में पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वारदात की पूरी साजिश कैसे रची गई और आरोपी का असल मकसद क्या था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

