वार्ड 78 के बूथ नंबर 539 पर सबसे ज्यादा 96.09% मतदान; वार्ड 41 के बूथ नंबर 279 पर सबसे कम 40.95% वोटिंग, अब नतीजों पर टिकी नजर
जोधपुर। नगर निगम चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद सामने आए बूथवार आंकड़ों ने चुनावी तस्वीर को और दिलचस्प बना दिया है। शहर के कुछ मतदान केंद्रों पर जहां मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाते हुए 90 प्रतिशत से अधिक मतदान किया, वहीं कई बूथ ऐसे भी रहे जहां आधे से कुछ ज्यादा मतदाता ही वोट डालने पहुंचे।
बूथवार मतदान प्रतिशत के अनुसार जोधपुर के 12 बूथों पर 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। दूसरी ओर करीब 24 बूथ ऐसे रहे जहां मतदान 55 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंचा। अब इन बूथों पर हुए असामान्य रूप से ज्यादा और कम मतदान का असर किस प्रत्याशी के पक्ष में जाता है, इस पर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजरें टिकी हुई हैं।
जोधपुर नगर निगम चुनाव में इस बार कुल 71.95 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले चार निकाय चुनावों के मुकाबले सबसे अधिक बताया गया है। पिछले चुनावों की तुलना में इस बार मतदान प्रतिशत में 11.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
लेकिन शहर का औसत मतदान प्रतिशत पूरी कहानी नहीं बताता। बूथवार आंकड़ों में बेहद बड़ा अंतर देखने को मिला है।
वार्ड 78 के बूथ पर 96.09% मतदान
सबसे ज्यादा मतदान वाले बूथों में वार्ड नंबर 78 का बूथ नंबर 539 सबसे आगे रहा। यहां 96.09 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया।
इसके बाद वार्ड नंबर 66 के बूथ 449 पर 94.47 प्रतिशत और वार्ड नंबर 78 के बूथ 540 पर 93.60 प्रतिशत मतदान हुआ।
यानी शहर के सबसे ज्यादा मतदान वाले तीन बूथों में दो बूथ वार्ड 78 के ही हैं।
अब राजनीतिक दलों की नजर इस बात पर है कि इन बूथों पर बढ़ा हुआ मतदान किस प्रत्याशी के पक्ष में गया है।
12 बूथों पर 90% से ज्यादा वोटिंग
जोधपुर में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान वाले बूथों की सूची में वार्ड 26 से लेकर वार्ड 94 तक के बूथ शामिल हैं।
| वार्ड | बूथ | मतदान |
|---|---|---|
| 26 | 172 | 90.05% |
| 38 | 258 | 90.12% |
| 51 | 342 | 91.24% |
| 51 | 343 | 91.31% |
| 51 | 346 | 92.48% |
| 65 | 446 | 92.64% |
| 66 | 449 | 94.47% |
| 78 | 539 | 96.09% |
| 78 | 540 | 93.64% |
| 84 | 585 | 90.05% |
| 84 | 586 | 93.21% |
| 94 | 676 | 90.20% |
इन आंकड़ों में सबसे खास बात यह है कि वार्ड 51 के तीन बूथों पर 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है। बूथ 342 पर 91.24 प्रतिशत, बूथ 343 पर 91.31 प्रतिशत और बूथ 346 पर 92.48 प्रतिशत वोटिंग हुई।
वार्ड 51 चुनावी चर्चा में इसलिए भी रहा क्योंकि यहां कांग्रेस की 21 वर्षीय प्रत्याशी सरस्वती प्रजापत और भाजपा की मंजू देवी के बीच मुकाबला है।
कम मतदान वाले बूथ भी बने चर्चा का विषय
जहां कुछ बूथों पर 90 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ, वहीं दूसरी तरफ कई मतदान केंद्रों पर वोटिंग बेहद कम रही।
सबसे कम मतदान वार्ड नंबर 41 के बूथ नंबर 279 पर सिर्फ 40.95 प्रतिशत दर्ज किया गया।
इसके बाद वार्ड 75 के बूथ नंबर 516 पर 41.87 प्रतिशत और वार्ड 55 के बूथ नंबर 373 पर 43.62 प्रतिशत मतदान हुआ।
यानी शहर के सबसे कम मतदान वाले तीन बूथों में भी मतदान प्रतिशत करीब 40 से 44 प्रतिशत के बीच ही रहा।
वार्ड 41 में चार बूथ 55% से नीचे
कम मतदान वाले बूथों की संख्या के मामले में वार्ड नंबर 41 सबसे आगे रहा। यहां चार बूथ ऐसे रहे जहां मतदान प्रतिशत 55 प्रतिशत से कम रहा।
वार्ड 41 के बूथ 278 पर 54.63 प्रतिशत, बूथ 279 पर 40.95 प्रतिशत, बूथ 282 पर 50.13 प्रतिशत और बूथ 283 पर 51.74 प्रतिशत मतदान हुआ।
दिलचस्प बात यह है कि इसी वार्ड के बूथ नंबर 275 पर 76.38 प्रतिशत मतदान हुआ। यानी एक ही वार्ड के अलग-अलग बूथों के मतदान प्रतिशत में बड़ा अंतर देखने को मिला।
55 प्रतिशत से कम मतदान वाले बूथ
| वार्ड | बूथ | मतदान |
|---|---|---|
| 41 | 278 | 54.63% |
| 41 | 279 | 40.95% |
| 41 | 282 | 50.13% |
| 41 | 283 | 51.74% |
| 43 | 293 | 51.32% |
| 50 | 334 | 48.95% |
| 50 | 337 | 47.65% |
| 50 | 340 | 53.27% |
| 52 | 351 | 53.49% |
| 54 | 364 | 50.13% |
| 55 | 373 | 43.62% |
| 56 | 380 | 51.01% |
| 56 | 381 | 51.20% |
| 56 | 387 | 54.47% |
| 57 | 391 | 54.85% |
| 57 | 398 | 54.68% |
| 74 | 508 | 49.12% |
| 74 | 509 | 52.31% |
| 75 | 516 | 41.87% |
| 83 | 579 | 50.31% |
| 83 | 580 | 52.87% |
| 83 | 581 | 50.85% |
| 89 | 628 | 56.27% |
120 बूथों पर 80 से 90 प्रतिशत के बीच मतदान
जोधपुर नगर निगम में करीब 120 बूथ ऐसे रहे जहां मतदान प्रतिशत 80 से 90 प्रतिशत के बीच रहा।
वार्ड 27 के पांच बूथों पर मतदान 80 से 87 प्रतिशत के बीच रहा। यहां बूथ नंबर 176 पर 87.69 प्रतिशत सबसे ज्यादा मतदान हुआ, जबकि बूथ नंबर 177 पर 80.42 प्रतिशत मतदान हुआ।
इसी तरह वार्ड 29 के पांच बूथों पर भी 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया।
वार्ड 31 के 9 बूथों में से 6 बूथ ऐसे रहे जहां 80 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई। वार्ड 38 के 7 बूथ, वार्ड 33 के 7 बूथ और वार्ड 78 तथा 84 के कई बूथों पर भी 80 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
वार्ड 51 और 78 के आंकड़ों ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
बूथवार आंकड़ों में वार्ड 51 और वार्ड 78 खास तौर पर चर्चा में हैं। वार्ड 51 में तीन बूथों पर 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जबकि वार्ड 78 में दो बूथों पर 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई।
अब राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन हाई-वोटिंग बूथों पर किस प्रत्याशी का समर्थक वोटर ज्यादा संख्या में मतदान करने पहुंचा?
क्योंकि सिर्फ ज्यादा मतदान होना किसी एक प्रत्याशी की जीत का संकेत नहीं माना जा सकता। यदि किसी प्रत्याशी का मजबूत वोट बैंक इन बूथों पर ज्यादा संख्या में बाहर निकला है, तो वही मतदान उसके लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
वार्ड 47 में सबसे ज्यादा 13 प्रत्याशी, वोट बंटने का असर?
जोधपुर नगर निगम का वार्ड नंबर 47 भी चुनाव के दौरान काफी चर्चा में रहा। यहां सबसे ज्यादा 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
वार्ड में कुल छह बूथों पर मतदान हुआ। इनमें बूथ नंबर 320 पर सबसे ज्यादा 76.51 प्रतिशत मतदान रहा, जबकि बूथ नंबर 315 और 316 पर सबसे कम 64.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
इतने अधिक प्रत्याशियों वाले वार्ड में वोटों का विभाजन चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में यहां सिर्फ मतदान प्रतिशत ही नहीं बल्कि प्रत्याशियों के बीच वोटों का बंटवारा भी महत्वपूर्ण रहेगा।
कांटे की टक्कर वाले वार्डों में 60 से 75% के बीच मतदान
शहर के उन वार्डों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं जहां मुकाबला कांटे का माना जा रहा है। इन वार्डों के अलग-अलग बूथों पर मतदान प्रतिशत करीब 60 से 75 प्रतिशत के बीच रहा।
ऐसे वार्डों में कुछ बूथों पर किसी प्रत्याशी के पक्ष में मजबूत मतदान और दूसरे बूथों पर कम मतदान परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
अब प्रत्याशियों के समर्थक बूथवार आंकड़ों को अपने-अपने हिसाब से जोड़कर जीत का गणित निकाल रहे हैं।
मतदान प्रतिशत बढ़ा, लेकिन बूथवार तस्वीर अलग
जोधपुर में मतदान का फाइनल आंकड़ा 71.95 प्रतिशत रहा।
| समय | मतदान |
|---|---|
| सुबह 10 बजे | 19.97% |
| दोपहर 1 बजे | 43.51% |
| दोपहर 3 बजे | 56.42% |
| शाम 6 बजे | 71.10% |
| फाइनल | 71.95% |
शहर के औसत मतदान में बढ़ोतरी के बावजूद बूथवार आंकड़ों में 96 प्रतिशत से लेकर करीब 41 प्रतिशत तक का अंतर सामने आया है। यही अंतर अब चुनाव परिणाम के लिहाज से सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब EVM खुलने का इंतजार
मतदान पूरा होने के बाद अब सभी प्रत्याशियों की निगाहें मतगणना पर हैं। राजनीतिक दल अपने-अपने बूथों के आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किस क्षेत्र में उनका वोट मजबूत रहा।
जोधपुर में इस बार कुल मतदान भले ही 71.95 प्रतिशत रहा हो, लेकिन बूथवार आंकड़ों ने मुकाबले को और पेचीदा बना दिया है। कहीं 96 प्रतिशत से ज्यादा मतदान ने प्रत्याशियों की उम्मीद बढ़ाई है तो कहीं 40 प्रतिशत के आसपास की वोटिंग ने नए सवाल खड़े किए हैं। अब इन आंकड़ों का असली असर मतगणना के दिन ही सामने आएगा।

