पाली। पाली जिले में निकाय चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं। प्रशासन की ओर से मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक करने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन इसके बावजूद जिले के अधिकांश निकायों में पिछले चुनाव की तुलना में मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई।

पाली जिले में इस बार सबसे बड़ी गिरावट सादड़ी नगर पालिका में देखने को मिली, जहां 2026 के निकाय चुनाव में 66.42 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि पिछले चुनाव में यहां 71.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस तरह सादड़ी में मतदान प्रतिशत में 4.83 प्रतिशत की कमी सामने आई।
वहीं रानी खुर्द नगर पालिका में मतदान प्रतिशत में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई। यहां इस बार 76.15 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पिछले चुनाव में 76.38 प्रतिशत मतदान हुआ था। यानी यहां महज 0.23 प्रतिशत की कमी रही।
सुमेरपुर समेत कई निकायों में पिछले चुनाव की तुलना में कम मतदान, 14 सितंबर को आएगा फैसला; EVM की थ्री-लेयर सुरक्षा में निगरानी
सुमेरपुर में 71.66 प्रतिशत मतदान
सुमेरपुर नगर पालिका की बात करें तो यहां इस बार 71.66 प्रतिशत मतदान हुआ। उपलब्ध मतदान रिपोर्ट के अनुसार कुल 29,757 मतदाताओं में से 21,325 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
सुमेरपुर में भी पिछले चुनाव की तुलना में मतदान में कमी बताई जा रही है। मतदान समाप्त होने के बाद अब प्रत्याशी और राजनीतिक दल बूथवार मतदान के आंकड़ों के आधार पर अपने-अपने जीत के दावे कर रहे हैं।
सुमेरपुर में वार्डवार मतदान को देखें तो कई वार्डों में 70 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। वार्ड 8 में सबसे ज्यादा 81.05 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जबकि वार्ड 13 में सबसे कम 59.90 प्रतिशत मतदान हुआ। यही वजह है कि सुमेरपुर में भी अब चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पाली, बाली, फालना और सोजत में भी घटा मतदान
पाली जिले के विभिन्न निकायों के मतदान आंकड़ों पर नजर डालें तो पाली में 70.94 प्रतिशत, बाली में 68.86 प्रतिशत, खुडाला-फालना में 72.44 प्रतिशत, सुमेरपुर में 71.66 प्रतिशत, तख्तगढ़ में 72.04 प्रतिशत और सोजत सिटी में 79.92 प्रतिशत मतदान हुआ।
वहीं रानी खुर्द में 76.15 प्रतिशत और सादड़ी में 66.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार सादड़ी में 4.83 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट रही, जबकि रानी खुर्द में महज 0.23 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।
सोजत सिटी में भी पिछले चुनाव की तुलना में मतदान में 2.65 प्रतिशत की कमी बताई गई है। बाली में 2.63 प्रतिशत और खुडाला-फालना में 2.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
कम मतदान ने बढ़ाया राजनीतिक दलों का सस्पेंस
मतदान प्रतिशत में आई कमी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के राजनीतिक गणित को उलझा दिया है। अब दोनों दल अपने-अपने समर्थक मतदाताओं के मतदान प्रतिशत का आंकलन कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार कम मतदान का फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। इसकी एक बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि फिलहाल पाली जिले के किसी भी निकाय में कांग्रेस का बोर्ड नहीं है। ऐसे में कांग्रेस के सामने इस चुनाव में खोने की तुलना में हासिल करने की ज्यादा संभावना है।
वहीं भाजपा के सामने अपने कब्जे वाली सीटों और बोर्ड को बचाने की चुनौती है। यही वजह है कि इस निकाय चुनाव को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए साख की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि कम मतदान का सीधा फायदा किसी एक पार्टी को मिलेगा, यह कहना अभी संभव नहीं है। अंतिम परिणाम में प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़, वार्ड के स्थानीय समीकरण, समर्थक वोटरों की सक्रियता और निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
EVM पहुंची पाली के बांगड़ कॉलेज, थ्री-लेयर सुरक्षा में रखी गईं
मतदान समाप्त होने के बाद जिले के विभिन्न निकाय क्षेत्रों से EVM मशीनों को सुरक्षित तरीके से पाली के बांगड़ कॉलेज लाया गया है। यहां EVM को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है।
बताया गया है कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है और हथियारबंद जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से EVM की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की निगाहें स्ट्रांग रूम पर हैं और सभी को 14 सितंबर का इंतजार है।
भाजपा-कांग्रेस दोनों कर रहे जीत के दावे
मतदान खत्म होते ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत के दावे कर रहे हैं। प्रत्याशियों की ओर से बूथवार मतदान के आंकड़े जुटाकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस क्षेत्र से उन्हें कितना समर्थन मिला।
दूसरी ओर कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी मुकाबले को रोचक बनाया है। ऐसे में जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला करीबी रहेगा, वहां निर्दलीय प्रत्याशियों को मिले वोट हार-जीत का अंतर तय कर सकते हैं।
खासकर नगर पालिका चुनाव में कुछ वार्डों के परिणाम बेहद करीबी रहने की संभावना जताई जा रही है।
सुमेरपुर समेत जिले के कई निकायों में क्या बदलेगा बोर्ड का गणित?
इस चुनाव में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कम मतदान भाजपा के लिए चुनौती बनेगा या कांग्रेस के लिए मौका?
कांग्रेस जहां जिले के निकायों में अपना बोर्ड बनाने की उम्मीद लगाए बैठी है, वहीं भाजपा अपने मौजूदा राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने की कोशिश में है।
सुमेरपुर में भी दोनों प्रमुख दलों के बीच कई वार्डों में सीधा मुकाबला माना जा रहा है। इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने कई वार्डों में चुनावी गणित को और पेचीदा कर दिया है।
मतदान प्रतिशत के आधार पर शुरुआती अनुमान में कुछ वार्डों में मुकाबला बेहद करीबी दिखाई दे रहा है। लेकिन किसके पक्ष में कितने वोट पड़े हैं, इसका खुलासा EVM खुलने के बाद ही होगा।
अब 14 सितंबर पर टिकी नजर
पाली जिले में मतदान समाप्त होने के बाद अब सभी की नजर 14 सितंबर की मतगणना पर है। मतगणना शुरू होते ही अलग-अलग निकायों के वार्डों के रुझान सामने आने लगेंगे और धीरे-धीरे बोर्ड की तस्वीर साफ होगी।
कहीं भाजपा अपना किला बचाती नजर आएगी तो कहीं कांग्रेस सेंध लगाने की कोशिश करेगी। वहीं कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी दोनों प्रमुख दलों का गणित बिगाड़ सकते हैं।
कम मतदान, कांटे की टक्कर और निर्दलीयों की मौजूदगी ने इस बार पाली जिले के निकाय चुनाव के परिणाम को बेहद दिलचस्प बना दिया है। अब 14 सितंबर को ही पता चलेगा कि मतदाताओं ने किसे सत्ता की चाबी सौंपी और किस दल को विपक्ष में बैठना पड़ेगा।
चुनाव आयोग से जारी आंकड़ों के अनुसार मतदान
| निकाय | 2026 मतदान | पिछला चुनाव | अंतर |
|---|---|---|---|
| पाली | 70.94% | 71.35% | 0.41% कम |
| बाली | 68.86% | 71.49% | 2.63% कम |
| खुडाला-फालना | 72.44% | 74.76% | 2.32% कम |
| सुमेरपुर | 71.66% | 73.56% | 1.09% कम |
| तख्तगढ़ | 72.04% | 73.11% | 1.07% कम |
| सोजत सिटी | 79.92% | 82.57% | 2.65% कम |
| रानी खुर्द | 76.15% | 76.38% | 0.23% कम |
| सादड़ी | 66.42% | 71.25% | 4.83% कम |
| सोजत रोड | 70.57% | पहली बार नगर पालिका | — |
| मारवाड़ जंक्शन | 71.79% | पहली बार नगर पालिका | — |
नोट: सुमेरपुर के वार्डवार मतदान के आधिकारिक आंकड़ों में कुल मतदान 71.66 प्रतिशत दर्ज है।

